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ऊपर से विधानसभा क्षेत्र के गाँव, खेत और कच्ची सड़कों का दृश्य
गाइड · चुनावी सर्वे

ओपिनियन पोल, एग्ज़िट पोल और घर-घर सर्वे की प्रक्रिया, नियम और सीमाएँ

Chunav survey kaise hota hai, यह गाइड उम्मीदवारों की टीमों, शोधकर्ताओं, पत्रकारों और विद्यार्थियों के लिए है। इसमें बताया गया है कि सैंपल कैसे चुना जाता है, सवाल कैसे लिखे जाते हैं, फील्ड टीम घर-घर या मतदान केंद्र के बाहर इंटरव्यू कैसे करती है, डेटा की जाँच और वेटिंग कैसे होती है, और चुनाव आयोग के कौन-से नियम मानने ज़रूरी हैं।

  • सर्वे का तरीका, किसी दल का पक्ष नहीं
  • ओपिनियन पोल और एग्ज़िट पोल का फ़र्क
  • धारा 126 और 126A की पाबंदियाँ
  • कोई भी सर्वे नतीजे की गारंटी नहीं देता
Chunav survey kaise hota hai: सैंपल से रिपोर्ट तक
घर #17 · परिचय-सहमति

नमस्ते, मैं राम कुमार, यह सर्वे नमूना संस्था करा रही है। उद्देश्य: आपके मोहल्ले की सुविधाओं की जानकारी। यह स्वैच्छिक है, आप कभी भी मना कर सकते हैं।

सहमति v2 · 09:44
सहमत — सर्वे शुरूमना किया
विधानसभा 172 · सर्वे राउंड 2अंतिम अपडेट 12s पहले · नमूना
3,000
लक्ष्य घर
2,184
विज़िट
1,962
पूर्ण सर्वे
1,871
स्वीकृत
दैनिक स्वीकृत सर्वेपिछले 12 दिन
सैंपल डिज़ाइननिष्पक्ष सवालमतदाता की सहमतिGPS से सत्यापनबैक-चेकवेटिंगमार्जिन ऑफ़ एररECI के नियम
सीधा जवाब

चुनावी सर्वे किसी क्षेत्र के मतदाताओं के एक चुने हुए हिस्से से बात करके पूरे क्षेत्र की राय का अनुमान लगाता है। इसमें मुद्दे, नेताओं की पहचान, सरकार के कामकाज की राय और वोट देने का इरादा पूछा जाता है। यह अनुमान होता है, भविष्यवाणी नहीं, और हर अनुमान के साथ त्रुटि की एक सीमा जुड़ी रहती है।

सर्वे की ताक़त इस बात पर टिकी है कि जिनसे बात हुई, वे पूरे क्षेत्र की तस्वीर कितनी सही दिखाते हैं। अगर इंटरव्यू सिर्फ़ शहर के चौराहों या एक ही समुदाय के मोहल्लों में हुए, तो बड़ा सैंपल भी ग़लत नतीजा देगा। इसलिए अच्छा सर्वे गाँव और शहर, महिला और पुरुष, उम्र के अलग-अलग समूह और पूरे क्षेत्र के भूगोल को ध्यान में रखकर बनता है।

राय बदलती भी है। नामांकन, गठबंधन, स्थानीय घटनाएँ और आख़िरी हफ़्ते का प्रचार वोट के इरादे को बदल सकते हैं। इसलिए किसी एक सर्वे को उस तारीख़ की तस्वीर मानें, चुनाव का फ़ैसला नहीं।

सर्वे शुरू करने से पहले तय करें

  • सर्वे का मक़सद और सवाल
  • कौन-सा क्षेत्र: बूथ, विधानसभा या लोकसभा
  • सैंपल का आकार
  • इंटरव्यू की भाषा
  • फील्ड की तारीख़ें
  • रिपोर्ट में क्या चाहिए
चरण दर चरण

ये चरण विधानसभा, लोकसभा और स्थानीय निकाय, तीनों तरह के सर्वे पर लागू होते हैं। हर चरण का लिखित रिकॉर्ड रखें, ताकि बाद में तरीका जाँचा जा सके।

  1. 01

    1. मक़सद लिखें

    तय करें कि सर्वे मुद्दे समझने के लिए है, नेता की पहचान जानने के लिए, या वोट के इरादे का अनुमान लगाने के लिए। सवाल इसी से निकलेंगे।
    रिसर्च टीम
    विधानसभा 172 · सर्वे राउंड 2अंतिम अपडेट 12s पहले · नमूना
    3,000
    लक्ष्य घर
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    पूर्ण सर्वे
    1,871
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    दैनिक स्वीकृत सर्वेपिछले 12 दिन
  2. 02

    2. सैंपल डिज़ाइन बनाएँ

    क्षेत्र को मतदान केंद्रों या गाँव-वार्डों में बाँटकर उनमें से रैंडम तरीके से चुनें, फिर हर जगह तय नियम से घर या मतदाता चुनें।
    सांख्यिकी टीम
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    A मज़बूतB ठीकC कमज़ोरD बहुत कमज़ोरआज रिपोर्ट नहीं
  3. 03

    3. प्रश्नावली लिखें

    सवाल छोटे, निष्पक्ष और स्थानीय बोली में हों। वोट का सवाल आख़िर के पास रखें, ताकि पहले के सवाल जवाब पर असर न डालें।
    रिसर्च टीम
    सर्वे 3/6 · सुविधाएँऑफलाइन
    आपके मोहल्ले में पीने के पानी की स्थिति?
    • नियमित आती है
    • कभी-कभी आती है
    • बहुत कम / नहीं
    • पता नहीं
    ✓ सेक्शन फोन में सुरक्षित · autosave
    पीछेआगे
  4. 04

    4. पायलट करें

    सैंपल से बाहर कुछ मतदाताओं से इंटरव्यू करके देखें कि सवाल समझ आते हैं या नहीं और इंटरव्यू कितना लंबा चलता है।
    फील्ड टीम
    घर #17 · परिचय-सहमति

    नमस्ते, मैं राम कुमार, यह सर्वे नमूना संस्था करा रही है। उद्देश्य: आपके मोहल्ले की सुविधाओं की जानकारी। यह स्वैच्छिक है, आप कभी भी मना कर सकते हैं।

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    सहमत — सर्वे शुरूमना किया
  5. 05

    5. सर्वेयर को प्रशिक्षण दें

    सहमति लेना, बिना झुकाव के सवाल पढ़ना, जवाब न सुझाना और ऐप चलाना सिखाएँ। मॉक इंटरव्यू से जाँचें।
    फील्ड सुपरवाइज़र
    5. सर्वेयर को प्रशिक्षण दें
  6. 06

    6. फील्डवर्क और सत्यापन

    हर इंटरव्यू GPS और समय के साथ दर्ज हो। सुपरवाइज़र कुछ घरों में दोबारा जाकर जाँच करें और संदिग्ध रिकॉर्ड अलग रखें।
    फील्ड टीम
    लोकेशन सबूत
    सर्वे #BS-0412
    • क्षेत्र मेंअनुमानित सीमा के भीतर
    • Accuracy±12 m
    • समय09:42 · ताज़ा fix
    • Mock GPSनहीं मिला
    • इंटरव्यू अवधि11 मिनट
    स्वीकृत गिनती में जुड़ा
  7. 07

    7. वेटिंग और विश्लेषण

    उम्र, लिंग और गाँव-शहर के अनुपात को जनगणना या मतदाता आँकड़ों के कुल योग से मिलाने के लिए वेटिंग करें।
    विश्लेषक
    विधानसभा 172 · सर्वे राउंड 2अंतिम अपडेट 12s पहले · नमूना
    3,000
    लक्ष्य घर
    2,184
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    स्वीकृत
    दैनिक स्वीकृत सर्वेपिछले 12 दिन
  8. 08

    8. रिपोर्ट में तरीका बताएँ

    सैंपल का आकार, तारीख़ें, तरीका और त्रुटि की सीमा हर नतीजे के साथ लिखें। सीमाएँ छिपाएँ नहीं।
    रिसर्च टीम
    ऑफलाइन
    नेटवर्क नहीं
    6
    फोन में सुरक्षित
    8
    सर्वर पर पहुँचे
    नेटवर्क आते ही अपने-आप सिंक
तुलना

ओपिनियन पोल मतदान से पहले मतदाताओं के घर, फ़ोन या ऑनलाइन पूछता है कि वे किसे वोट देने का इरादा रखते हैं और क्यों। एग्ज़िट पोल मतदान के दिन वोट डालकर निकले मतदाताओं से पूछता है। दोनों के सैंपल, समय और क़ानूनी पाबंदियाँ अलग हैं, इसलिए नतीजे भी अलग तरह से पढ़े जाते हैं।

ओपिनियन पोल और एग्ज़िट पोल की तुलना
पहलूओपिनियन पोलएग्ज़िट पोल
कब होता हैमतदान से पहले, हफ़्तों या दिनों पहलेमतदान के दिन, वोट डालने के बाद
किससे पूछा जाता हैसंभावित मतदाता, जो शायद वोट न भी देंजिन्होंने वोट डाला है
कहाँघर-घर, फ़ोन या ऑनलाइनचुने हुए मतदान केंद्रों के बाहर, तय दूरी पर
मुख्य जोखिमराय बदलना और मतदान न करने वाले लोगजवाब देने से मना करना और केंद्रों का चुनाव
प्रकाशन पर रोकधारा 126: मतदान ख़त्म होने से पहले के 48 घंटे इलेक्ट्रॉनिक मीडिया परधारा 126A: ECI की अधिसूचित अवधि में करना और प्रकाशित करना मना

हर चुनाव की सही तारीख़ें और अवधि उस चुनाव के लिए जारी ECI अधिसूचना से ही देखें।

मतदान का दिन

एग्ज़िट पोल में पहले क्षेत्र के मतदान केंद्रों में से रैंडम तरीके से कुछ केंद्र चुने जाते हैं। मतदान के दिन सर्वेयर केंद्र से तय दूरी पर खड़े होकर तय अंतराल पर, जैसे हर दसवें निकलने वाले मतदाता से, गोपनीय तरीके से पूछते हैं। फिर जवाबों को पिछले मतदान के आँकड़ों से वेट किया जाता है।

एग्ज़िट पोल के मुख्य चरण

मतदाता की गोपनीयता और आचार संहिता का पालन हर चरण में ज़रूरी है।

  1. मतदान केंद्रों का रैंडम चुनाव, पूरे क्षेत्र में फैला हुआ।
  2. हर केंद्र पर मतदाता चुनने का तय नियम, सर्वेयर की मर्ज़ी नहीं।
  3. गोपनीय पर्ची या ऐप पर जवाब, ताकि पास खड़े लोग न देखें।
  4. मना करने वालों की गिनती भी दर्ज करना।
  5. समय-समय पर डेटा भेजना और केंद्रवार जाँच।

धारा 126A क्या कहती है

लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126A के तहत चुनाव आयोग जिस अवधि को अधिसूचित करता है, उसमें एग्ज़िट पोल करना और उसके नतीजे किसी भी माध्यम से प्रकाशित या प्रसारित करना मना है। उल्लंघन पर दो साल तक की क़ैद, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। आम चुनाव में यह अवधि आमतौर पर पहले चरण के मतदान शुरू होने से आख़िरी चरण के मतदान ख़त्म होने के आधे घंटे बाद तक रहती है।

एग्ज़िट पोल में न करें

  • केंद्र के पास भीड़ लगाना
  • मतदाता का नाम या पहचान लिखना
  • अधिसूचित अवधि में नतीजे साझा करना
  • किसी दल के बैज या प्रचार सामग्री के साथ जाना

सर्वे पर हमारी राय

फील्डवर्क

घर-घर सर्वे में सर्वेयर पहले से चुने गए गाँव या वार्ड में जाते हैं, तय नियम से घर चुनते हैं, घर में योग्य मतदाता चुनते हैं, सहमति लेते हैं और मोबाइल ऐप पर इंटरव्यू दर्ज करते हैं। GPS, समय और सुपरवाइज़र की दोबारा जाँच से पक्का होता है कि इंटरव्यू सच में हुआ।

घर और व्यक्ति कैसे चुने जाते हैं

गली के एक छोर से शुरू करके हर तय संख्या वाले घर को चुना जाता है, जैसे हर पाँचवाँ घर। घर में 18 साल से ऊपर के सदस्यों में से एक को तय नियम से चुना जाता है, ताकि सिर्फ़ वही व्यक्ति न गिना जाए जो दरवाज़ा खोलता है। महिलाओं और युवाओं की सही गिनती के लिए अक्सर शाम या छुट्टी के दिन दोबारा जाना पड़ता है।

सहमति और गोपनीयता

इंटरव्यू से पहले बताया जाता है कि सर्वे कौन कर रहा है, जवाब गोपनीय रहेंगे और मतदाता किसी भी सवाल का जवाब न देने के लिए स्वतंत्र है। मतदाता सूची का निजी डेटा या किसी व्यक्ति की वोट पसंद उसके नाम के साथ जोड़कर नहीं रखी जानी चाहिए।

फील्ड में आम दिक्कतें

घर पर कोई न मिलना, परिवार के बड़ों का जवाब देने में दख़ल, राजनीतिक सवालों पर झिझक, नेटवर्क न होना और बारिश या त्योहार में काम रुकना आम है। ऑफलाइन ऐप और रोज़ाना की समीक्षा इन्हें संभालने में मदद करती है।

सावधानियाँ

ज़्यादातर ग़लत अनुमान इन्हीं ग़लतियों से आते हैं।

सैंपल

  • सिर्फ़ शहर या सड़क किनारे के गाँव
  • महिलाओं की कम गिनती
  • सर्वेयर की मर्ज़ी से घर चुनना
  • पिछली बार के बूथ ही दोहराना

सवाल

  • झुकाव वाले शब्द
  • वोट का सवाल शुरू में
  • किसी नेता का नाम पहले लेना
  • बहुत लंबा इंटरव्यू

रिपोर्ट

  • त्रुटि की सीमा न बताना
  • वोट प्रतिशत से सीधे सीटें गिनना
  • तारीख़ और सैंपल छिपाना
  • कम अंतर को पक्की जीत बताना

यह सही नहीं है अगर

  • चुनाव नतीजे की गारंटी देना
  • मतदाताओं की निजी पहचान या पसंद ट्रैक करना
  • धारा 126 या 126A की अवधि में नतीजे प्रकाशित करना
  • किसी दल के पक्ष में राय बनाना

यह सही है अगर

  • क्षेत्र के मुद्दे और प्राथमिकताएँ समझना
  • नेता की पहचान और छवि जानना
  • समय के साथ राय में बदलाव देखना
  • प्रचार की योजना के लिए निष्पक्ष आँकड़े
FAQ

इस विषय पर सबसे ज़्यादा पूछे जाने वाले सवालों के सीधे जवाब।

Political survey kaise karaye?

पहले मक़सद, क्षेत्र, सैंपल का आकार और समय-सीमा लिखें। फिर एजेंसी से सैंपल डिज़ाइन, प्रश्नावली, सर्वेयर प्रशिक्षण, GPS सत्यापन और बैक-चेक का तरीका लिखित में माँगें। जो एजेंसी पक्की जीत या तय सीटों का वादा करे, उससे बचें। रिपोर्ट में तरीका और त्रुटि की सीमा ज़रूर माँगें।

Voter survey kaise kare?

क्षेत्र के मतदान केंद्रों या गाँव-वार्डों में से रैंडम चुनाव करें, हर जगह तय नियम से घर और मतदाता चुनें, सहमति लेकर निष्पक्ष सवाल पूछें और हर इंटरव्यू को ऐप पर GPS के साथ दर्ज करें। कुछ घरों में दोबारा जाकर जाँच करें और नतीजों को जनसंख्या अनुपात से वेट करें।

चुनावी सर्वे में कितने लोगों से बात करनी चाहिए?

यह इस पर निर्भर है कि कितनी सटीकता चाहिए और कितने उप-समूहों के अलग नतीजे चाहिए। पूरे क्षेत्र का अनुमान छोटे सैंपल से मिल सकता है, पर हर ब्लॉक या समुदाय के अलग नतीजों के लिए बड़ा सैंपल चाहिए। संख्या से ज़्यादा ज़रूरी है कि सैंपल पूरे क्षेत्र में सही तरीके से फैला हो।

क्या ओपिनियन पोल कभी भी प्रकाशित किया जा सकता है?

नहीं। धारा 126 के तहत मतदान ख़त्म होने से पहले के 48 घंटों में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर ओपिनियन पोल समेत चुनावी सामग्री दिखाना मना है। एग्ज़िट पोल पर धारा 126A के तहत ECI की अधिसूचित पूरी अवधि में रोक रहती है। हर चुनाव की अधिसूचना अलग से देखें।

सर्वे और असली नतीजे अलग क्यों आते हैं?

सैंपल में कुछ समूह छूट जाना, लोगों का सच न बताना, आख़िरी दिनों में राय बदलना, कम मतदान और वोट प्रतिशत को सीटों में बदलने का जोखिम, ये सब अंतर की वजह बनते हैं। इसीलिए हर सर्वे एक अनुमान है और उसे त्रुटि की सीमा के साथ पढ़ना चाहिए।

शाम के समय कस्बे का हवाई दृश्य
भारत पूरे देश में, हिंदी-प्रथम

क्षेत्र, समय-सीमा और जानने लायक सवाल बताइए। हम सैंपल, प्रश्नावली और फील्ड योजना का प्रस्ताव भेजेंगे, कीमत कोटेशन पर।