सीट
प्रति व्यक्ति1 सीट = 1 नामित व्यक्ति जो फील्ड में सर्वे भर सकता है। सीमा सर्वर पर लागू है — 10 सीट के प्लान में 11वाँ वॉलंटियर तब तक सक्रिय नहीं होता जब तक सीट बढ़े। एक साथ आए अनुरोधों में भी सीमा कभी नहीं टूटती।

Pay per active surveyor seat, per plan period. INR, GST invoice, no per-response surprises.
एकमुश्त सेटअप + प्लान अवधि (3 / 6 / 12 माह) + सक्रिय सर्वे-सीटें (प्रति नामित वॉलंटियर)। सीटें कभी भी बढ़ाई जा सकती हैं — हमारी स्वीकृति के बाद, बिना नया ऐप बनाए। रिपोर्ट देखने वालों के लिए सीट नहीं लगती। कीमत डेमो के बाद लिखित कोटेशन में।
सीट उपयोग: 10 में 9 उपयोग, 1 खाली — पैनल में यही पट्टी दिखती है।
How seat-based pricing works: six rules, no fine print
कीमत के तीन हिस्से और तीन नियम। सब कुछ पैनल में उसी तरह दिखता है जैसे यहाँ लिखा है — सीट उपयोग की पट्टी, अनुरोध का बटन, replacement का इतिहास।
1 सीट = 1 नामित व्यक्ति जो फील्ड में सर्वे भर सकता है। सीमा सर्वर पर लागू है — 10 सीट के प्लान में 11वाँ वॉलंटियर तब तक सक्रिय नहीं होता जब तक सीट बढ़े। एक साथ आए अनुरोधों में भी सीमा कभी नहीं टूटती।
प्लेटफ़ॉर्म उपयोग की अवधि। कैंपेन के लिए 3–6 माह आम है, रिसर्च और NGO प्रोजेक्ट के लिए 6–12। समाप्ति से पहले रिमाइंडर; समाप्ति पर नया संग्रह रुके, पुराना डेटा read-only, रिन्युअल पर सब सक्रिय।
प्रोजेक्ट, क्षेत्र-डेटा (आपकी विधानसभा / ज़िला / वार्ड पहले से लोड), फ़ॉर्म, टीम की सीटें, असाइनमेंट और डैशबोर्ड — आम तौर पर 1–2 कार्यदिवस। इसमें 45 मिनट की हिंदी ट्रेनिंग और पहले दिन का लाइव सपोर्ट शामिल है।
पैनल में “सीट बढ़ाएँ” बटन → हमारी स्वीकृति और भुगतान → सीमा बढ़ी। 10 से 11 सीट करना upgrade है, चार्जेबल। हर स्वीकृति/अस्वीकृति ऑडिट लॉग में। कैंपेन के बीच में टीम बढ़ानी हो तो नया ऐप या नया प्रोजेक्ट नहीं बनाना पड़ता।
वॉलंटियर छोड़ गया, या फोन बदल गया? पुराना हटाकर नया लाना replacement है — सीट-संख्या वही, कोई चार्ज नहीं, सिर्फ़ इतिहास दर्ज (किसने कब किसे बदला)। पुराने वॉलंटियर के सर्वे उसके नाम पर रहते हैं, मिटते नहीं।
उम्मीदवार, प्रोग्राम हेड, डोनर, ज़िला अधिकारी — जो सिर्फ़ रिपोर्ट और डैशबोर्ड देखते हैं, उनके लिए सीट नहीं लगती। क्लाइंट Owner/Admin और बूथ प्रभारी / पन्ना प्रमुख (जो सिर्फ़ बूथ रिपोर्ट भरते हैं) भी सीट नहीं लेते।
Pilot · Constituency / District · State / Agency — quote after a 20-minute demo
स्लाइडर से बताइए कि एक साथ कितने लोग फील्ड में सर्वे भरेंगे। नीचे वही बदलेगा जो सच में बदलता है — क्षमता, सुझाया प्लान और शामिल मॉड्यूल। कीमत यहाँ नहीं है; वह डेमो के बाद लिखित कोटेशन में आती है। सीट-रेंज सांकेतिक हैं — किसी भी संख्या का प्लान बन सकता है।
चिप्स नमूना आकार हैं — आपकी टीम इससे छोटी या बड़ी हो सकती है।
एक कैंपेन-लहर या एक सर्वे-दौर। कैंपेन के लिए 3–6 माह सबसे आम अवधि है। समाप्ति से पहले रिमाइंडर; समाप्ति पर पुराना डेटा read-only।
उम्मीदवार · एजेंसी · NGO · ज़िला प्रशासन · 10–50 सीटें (सांकेतिक)
1 विधानसभा · 1 ब्लॉक · 1 शहर
पहली बार आज़माने के लिए। एक छोटा क्षेत्र, एक फ़ॉर्म, आपकी अपनी टीम — और पायलट रिपोर्ट के आधार पर आगे का प्लान।
उम्मीदवार · एजेंसी · NGO · ज़िला प्रशासन
एक पूरा कैंपेन, रिसर्च प्रोजेक्ट या ज़िला-स्तरीय सर्वेक्षण। सबसे आम प्लान — पूरी क्षमता के साथ।
पार्टी · बड़ी एजेंसी · राज्य विभाग
कई विधानसभाएँ, कई क्लाइंट या कई ज़िले — एक पैनल से, हर प्रोजेक्ट का डेटा पूरी तरह अलग।
NGO / फाउंडेशन के लिए अलग प्लान-सूची (छूट) पर बात होती है। सरकारी विभाग के लिए टेंडर / GeM दस्तावेज़ में सहयोग। प्रतिस्पर्धी टूल्स के मूल्य हम यहाँ नहीं लिखते — उनकी वेबसाइट देखें।
The life of a seat: add → activate → replace → request more → renew
नीचे स्क्रॉल कीजिए: हर कार्ड अगले के नीचे दब जाएगा, जैसे पैनल में एक के बाद एक कदम होते हैं। कोई कदम फोन कॉल या ईमेल पर निर्भर नहीं — सिवाय अतिरिक्त सीट की स्वीकृति के, जो हम करते हैं।
Owner या सुपरवाइज़र पैनल में वॉलंटियर का नाम और मोबाइल डालता है। वॉलंटियर को आमंत्रण मिलता है और वह Android ऐप में मोबाइल + OTP से लॉगिन करता है। इस समय तक कोई सीट खर्च नहीं हुई — सूची में 40 नाम हो सकते हैं, सीटें 25 ही रहेंगी।
‘सक्रिय करें’ दबाने पर सर्वर उसी क्षण सीमा जाँचता है। 10 सीट के प्लान में 11वाँ activation रुक जाता है — चाहे दो सुपरवाइज़र एक ही सेकंड में दबाएँ। 1 सीट = 1 नामित व्यक्ति = 1 अधिकृत डिवाइस; इसलिए हर सर्वे के पीछे एक जवाबदेह नाम रहता है।
फील्ड में लोग बदलते रहते हैं — कोई बीमार पड़ा, किसी का फोन टूट गया, कोई तीसरे दिन आया ही नहीं। पुराने को निष्क्रिय करके नए को उसी सीट पर सक्रिय कीजिए: सीट-संख्या वही, कोई चार्ज नहीं। पुराने वॉलंटियर के सर्वे उसके नाम पर सुरक्षित रहते हैं और इतिहास में दर्ज होता है कि किसने, कब, किसे बदला।
कैंपेन के आख़िरी हफ़्तों में या एंडलाइन के समय टीम अक्सर बढ़ती है। पैनल में ‘सीट बढ़ाएँ’ दबाइए, संख्या लिखिए — अनुरोध हमारे पास आता है, स्वीकृति और भुगतान के बाद सीमा बढ़ जाती है। नया ऐप, नया प्रोजेक्ट या नया फ़ॉर्म नहीं बनाना पड़ता; चल रहा काम एक मिनट नहीं रुकता।
समाप्ति से पहले Owner को रिमाइंडर मिलता है ताकि कैंपेन के बीच में सेवा न रुके। रिन्यु न करें तो नया डेटा-संग्रह रुकता है, पर आपका पुराना डेटा read-only में उपलब्ध रहता है — रिपोर्ट देखिए, CSV / Excel / PDF निर्यात कीजिए। रिन्युअल पर सब फिर सक्रिय, वही टीम, वही फ़ॉर्म। डेटा बाद के एक्सपोर्ट के लिए सुरक्षित रहता है; आपके कहने पर मिटाया / anonymise किया जाता है।
Plan comparison: what each tier includes
जो v1 में मौजूद है वही लिखा है। जो बाद के संस्करण में आएगा, वह वैसा ही लिखा है — “जल्द” का वादा नहीं। पंक्ति पर कर्सर ले जाइए, वह उभर आएगी।
| क्षमता | पायलट | विधानसभा / ज़िला | राज्य / एजेंसी |
|---|---|---|---|
| ऑफलाइन-फर्स्ट Android ऐप, हिंदी-प्रथम | |||
| GPS वेरिफिकेशन — 5 लोकेशन-स्थितियाँ | |||
| भारत का क्षेत्रीय ढाँचा (LGD कोड) पहले से लोड | |||
| लाइव मैप, गतिविधि टाइमलाइन, अलर्ट | |||
| फ़ॉर्म लाइब्रेरी (डिफ़ॉल्ट फ़ॉर्म) | |||
| फ़ॉर्म बिल्डर: skip logic, validation, संस्करण | सीमित | ||
| XLSForm इम्पोर्ट (Kobo / ODK / SurveyCTO से) | |||
| QA, बैक-चेक, risk-score समीक्षा-कतार | बुनियादी | ||
| बूथ मैनेजमेंट + वॉर रूम (राजनीतिक tenant) | |||
| CSV / Excel / PDF निर्यात | |||
| Google Sheets one-way कॉपी | |||
| अतिरिक्त सीट अनुरोध (स्वीकृति के बाद) | |||
| मल्टी-प्रोजेक्ट / मल्टी-क्लाइंट वर्कस्पेस | |||
| बड़े क्षेत्र का डेटा-लोड (कई ज़िले / राज्य) | ज़रूरत पर | ||
| Tenant isolation, एन्क्रिप्शन, ऑडिट, दैनिक बैकअप | |||
| हिंदी ट्रेनिंग + पहले दिन का लाइव सपोर्ट | |||
| सुपरवाइज़र / QA ट्रेनिंग (अलग सत्र) | |||
| API एक्सेस | बाद के संस्करण में | बाद के संस्करण में | बाद के संस्करण में |
What is included in every plan: setup, training, support, data in India, exports
फील्ड टीम कैंपेन या रिसर्च का सबसे बड़ा खर्च है। अगर 10–20% सर्वे घर बैठकर भरे गए, तो सिर्फ़ दैनिक भत्ता बर्बाद नहीं होता — उस डेटा पर बना हर फ़ैसला (कहाँ प्रचार, कौन-सा मुद्दा, कौन-सा गाँव) गलत दिशा में जाता है। नीचे अपने आँकड़े डालकर देखिए।
यह अनुमान आपके इनपुट पर है; उद्योग का कोई दावा नहीं। Bharat Survey “क्षेत्र से बाहर” और बहुत तेज़ इंटरव्यू को स्वीकृत गिनती से बाहर रखता है।
Survey app pricing in India, explained without numbers
भारत में सर्वे सॉफ़्टवेयर की कीमत तीन अलग-अलग तरीकों से माँगी जाती है, और तुलना तभी सही होती है जब आप तीनों को एक ही सवाल पर लाएँ: मेरी टीम के इतने लोग, इतने दिन, इतने सर्वे — कुल कितना?
कोटेशन पढ़ते समय पाँच सवाल पूछिए: सेटअप में क्या शामिल है (क्षेत्र-डेटा और फ़ॉर्म-सेटअप हम करते हैं या आप)? ट्रेनिंग शामिल है या अलग? Viewer और सुपरवाइज़र के लिए सीट लगती है? प्लान खत्म होने पर डेटा का क्या होगा? और निर्यात पर कोई रोक तो नहीं?
अगर आपका सर्वे फील्ड टीम से होता है — वॉलंटियर, एन्यूमरेटर, फील्ड ऑफिसर — तो सीट-मॉडल लगभग हमेशा सरल है, क्योंकि आपकी लागत का सबसे बड़ा हिस्सा वैसे भी लोगों का भत्ता है और सॉफ़्टवेयर उसी इकाई में गिना जाता है। अगर आपका सर्वे ऑनलाइन लिंक से हज़ारों लोग खुद भरते हैं, तो per-response मॉडल तर्कसंगत हो सकता है — पर वह Bharat Survey का उपयोग-मामला नहीं है।
सीट-मॉडल का एक और फ़ायदा जवाबदेही है: हर सर्वे एक नामित व्यक्ति के नाम पर है, जिसकी लोकेशन, समय और accuracy दर्ज है। “असीमित उपयोगकर्ता” वाले टूल में यह जवाबदेही अक्सर ढीली रहती है।
उम्मीदवार या एजेंसी जब “election survey company cost India” खोजते हैं, तो असल में वे पूरे ऑपरेशन का खर्च पूछ रहे होते हैं, सॉफ़्टवेयर का नहीं। खर्च के हिस्से, बड़े से छोटे:
इसलिए हम कोटेशन में सिर्फ़ सॉफ़्टवेयर का दाम नहीं लिखते — डेमो में हम आपकी टीम और क्षेत्र के हिसाब से यह भी बताते हैं कि कितने वॉलंटियर, कितने दिन में, कितना क्षेत्र यथार्थ रूप से कवर होगा।
सभी कोटेशन INR में, GST अलग से दिखाकर। भुगतान इनवॉइस पर बैंक ट्रांसफर या UPI से; रसीद पैनल में। प्लान समाप्ति से पहले रिमाइंडर मिलता है ताकि कैंपेन के बीच में सेवा न रुके। पायलट के बाद पूरा प्लान लेने पर पायलट की शर्तें कोटेशन में स्पष्ट लिखी जाती हैं।
How to estimate seats for a constituency, a district or a retail audit
सीट खरीदने से पहले एक छोटा-सा भाग कीजिए: लक्ष्य ÷ (एक व्यक्ति का रोज़ का काम × फील्ड-दिन)। नीचे तीन नमूना उदाहरण हैं — आँकड़े सिर्फ़ तरीका समझाने के लिए हैं, किसी ग्राहक के नहीं, और इनमें कोई रुपया नहीं है।

सीट-मॉडल में सबसे बड़ा सवाल यही है: कितनी सीटें? ज़्यादा लीं तो पैसा बेकार, कम लीं तो फील्ड-दिन बढ़ेंगे। सूत्र सीधा है:
सीटें = लक्ष्य (घर / दुकान / लाभार्थी) ÷ (एक व्यक्ति का रोज़ का काम × फील्ड-दिन)
“एक व्यक्ति का रोज़ का काम” फ़ॉर्म की लंबाई और घरों के बीच की दूरी से तय होता है। छोटे मूड सर्वे में एक वॉलंटियर दिन में ज़्यादा घर कर लेता है, लंबी घरेलू प्रोफ़ाइल में कम। पायलट के दो दिन आपकी अपनी असली संख्या बता देते हैं — उसी से पूरा प्लान बनाइए, किसी और के औसत से नहीं।
लक्ष्य: लगभग 12,000 घर (हर बूथ से तय संख्या)। फ़ॉर्म छोटा है, इसलिए मान लीजिए 30 घर प्रति व्यक्ति प्रति दिन। समय: 20 फील्ड-दिन। हिसाब: 12,000 ÷ (30 × 20) = 20 सीटें, 3 माह की अवधि। सुपरवाइज़र दो–तीन, जो सिर्फ़ समीक्षा और बैक-चेक करते हैं — उनकी सीट नहीं लगती। उम्मीदवार और उनकी कोर टीम Viewer — सीट नहीं। ढाँचा: विधानसभा / ज़िला।
लक्ष्य: 10 ब्लॉक, हर ब्लॉक से लगभग 2,400 घर — कुल 24,000। फ़ॉर्म लंबा है (roster, 60 प्रश्न), इसलिए मान लीजिए 15 घर प्रति व्यक्ति प्रति दिन। समय: 40 फील्ड-दिन। हिसाब: 24,000 ÷ (15 × 40) = 40 सीटें। एंडलाइन उसी household ID पर साल के अंत में होगी, इसलिए 12 माह की अवधि तर्कसंगत है। बीच के महीनों की शर्तें — जब फील्ड-काम नहीं होता — कोटेशन में पहले तय कीजिए। ढाँचा: विधानसभा / ज़िला।
लक्ष्य: 1,800 दुकानें, हर महीने दोबारा। मान लीजिए एक ऑडिटर फोटो-सबूत के साथ 12 दुकानें रोज़ करता है और महीने में 15 कार्यदिवस ऑडिट के हैं। हिसाब: 1,800 ÷ (12 × 15) = 10 सीटें, 12 माह। यहाँ ध्यान storage पर दीजिए: फोटो फोन पर ही छोटी हो जाती है, फिर भी फोटो-भारी प्रोजेक्ट में अतिरिक्त storage अलग मद हो सकती है। एजेंसी कई ब्रांड के लिए यही करे तो ढाँचा: राज्य / एजेंसी, मल्टी-क्लाइंट वर्कस्पेस के साथ।
प्लान अवधि कैलेंडर की तारीख़ों से चलती है — कोटेशन में शुरू और अंत की तिथि लिखी होती है। समाप्ति से पहले Owner को रिमाइंडर मिलता है। समाप्ति पर नया संग्रह रुकता है; पुराना डेटा read-only रहता है और निर्यात चालू रहता है। रिन्युअल पर वही प्रोजेक्ट, वही फ़ॉर्म, वही टीम फिर सक्रिय — दोबारा सेटअप नहीं।
बीच में रोकने (pause) का कोई स्वचालित बटन v1 में नहीं है। अगर आपका कैंपेन या फ़ंडिंग-चक्र टल सकता है, तो डेमो में बता दीजिए — ऐसी शर्त कोटेशन में लिखकर तय होती है, मौखिक वादे पर नहीं।
When Bharat Survey is the wrong purchase
हर सर्वे को फील्ड-सत्यापन प्लेटफ़ॉर्म नहीं चाहिए। अगर नीचे की चार स्थितियों में से कोई आपकी है, तो डेमो से पहले ही जान लीजिए — आपका और हमारा, दोनों का समय बचेगा।
अगर आपका सर्वे WhatsApp या ईमेल पर भेजे गए लिंक से हज़ारों लोग अपने-आप भरते हैं, तो आपको फील्ड टीम, GPS सत्यापन या सीट की ज़रूरत नहीं। ऐसे काम के लिए कोई ऑनलाइन फ़ॉर्म टूल सस्ता और सही रहेगा।
दो लोग, एक मोहल्ला, 50 घर — यहाँ सेटअप, ट्रेनिंग और डैशबोर्ड का फ़ायदा खर्च से कम है। कागज़ या कोई मुफ़्त फ़ॉर्म ऐप काफ़ी है। Bharat Survey तब काम का है जब टीम इतनी बड़ी हो कि आप हर व्यक्ति को खुद नहीं देख सकते।
मतदाता सूची का व्यक्तिगत इम्पोर्ट v1 में नहीं है और मतदाताओं की प्रोफ़ाइलिंग इस प्रोडक्ट के सिद्धांत में ही नहीं। अगर आपकी मुख्य ज़रूरत EPIC से खोज और वोटर स्लिप है, तो यह प्लान आपके लिए नहीं।
वॉलंटियर ऐप Android के लिए है — भारतीय फील्ड टीमों के फोन वही हैं। API एक्सेस बाद के संस्करण में आएगा; अभी निर्यात CSV / Excel / PDF और Google Sheets की one-way कॉपी से होता है।
पाँच या उससे ज़्यादा लोग फील्ड में, कई गाँव या वार्ड, और एक ऐसा फ़ैसला जो इस डेटा पर टिकेगा — टिकट, प्रचार, फ़ंडिंग या योजना। तब ‘क्या यह सर्वे सच में वहाँ हुआ?’ का जवाब सॉफ़्टवेयर से आना चाहिए, फोन कॉल से नहीं।
सर्वे ऐप की कीमत, सीट, replacement और तुलना — सीधे जवाब, बिना छिपे शुल्क के।
तीन चीज़ों से: एकमुश्त सेटअप (प्रोजेक्ट, क्षेत्र-डेटा, फ़ॉर्म, टीम ऑनबोर्डिंग), प्लान अवधि (3, 6 या 12 माह) और सक्रिय सर्वे-सीटों की संख्या (प्रति नामित वॉलंटियर)। कोई per-response या per-submission चार्ज नहीं — एक वॉलंटियर दिन में 20 सर्वे भरे या 60, सीट वही रहती है। सटीक कोटेशन डेमो के बाद लिखित में, INR में, GST इनवॉइस के साथ।
एक विधानसभा के लिए 10–50 सीटों का 3–6 माह का प्लान सबसे आम है; कीमत सीटों और अवधि पर निर्भर करती है। हम वेबसाइट पर सूची-मूल्य इसलिए नहीं लिखते क्योंकि क्षेत्र-डेटा, फ़ॉर्म-सेटअप और ट्रेनिंग का दायरा प्रोजेक्ट-दर-प्रोजेक्ट बदलता है — और अभी हमारे प्लान-टियर अंतिम नहीं हुए हैं। 20 मिनट के डेमो में क्षेत्र, टीम-आकार और अवधि बताइए; कोटेशन उसी दिन।
1 सीट = 1 नामित व्यक्ति जिसे फील्ड में सर्वे भरने का अधिकार है। यह “एक समय में कितने लॉगिन” नहीं है — वरना 10 सीट में बारी-बारी से 100 लोग काम कर लेते और डेटा की जवाबदेही खत्म हो जाती। सीमा सर्वर पर लागू होती है; हर activation पर जाँच होती है। सुपरवाइज़र सर्वे भरे तो उसकी सीट गिनी जाती है; सिर्फ़ समीक्षा करे तो नहीं।
नहीं। पुराना वॉलंटियर हटाकर नया लाना replacement है — सीट-संख्या वही, कोई चार्ज नहीं, सिर्फ़ इतिहास दर्ज होता है (किसने कब किसे बदला)। 10 से 11 सीट करना upgrade है — चार्जेबल, कंपनी की स्वीकृति और भुगतान के बाद सीमा बढ़ती है।
नहीं। सीट सिर्फ़ उन्हीं की लगती है जो फील्ड में सर्वे भरते हैं। क्लाइंट Owner/Admin, रिपोर्ट देखने वाले Viewer, और बूथ प्रभारी / पन्ना प्रमुख जो सिर्फ़ बूथ रिपोर्ट भरते हैं — ये फील्ड-भूमिकाएँ हैं, सीट नहीं। एक उम्मीदवार अपने 5 करीबी लोगों को Viewer बना सकता है, बिना एक भी सीट खर्च किए।
Per-response मॉडल में हर सबमिशन पर पैसा लगता है, इसलिए टीम को ज़्यादा सर्वे करने से रोकना पड़ता है और बजट पहले से पता नहीं होता। सीट-आधारित मॉडल में खर्च टीम के आकार से जुड़ा है — जितने लोग फील्ड में, उतनी सीटें — और महीने का खर्च पहले दिन पता होता है। घर-घर सर्वे में जहाँ एक वॉलंटियर रोज़ 20–40 घर करता है, सीट-मॉडल आम तौर पर सरल और अनुमानित रहता है।
SurveyCTO, KoboToolbox और ODK Cloud विदेशी रिसर्च टूल हैं जिनके प्लान USD में, per-submission या per-project आधार पर होते हैं और भारत का क्षेत्रीय ढाँचा (पंचायत, वार्ड, बूथ) उनमें नहीं होता। Bharat Survey सीट-आधारित INR प्लान है, GST इनवॉइस के साथ, LGD-कोडेड भूगोल पहले से लोड, GPS सत्यापन (सिर्फ़ टैग नहीं) और डेटा भारत में। उनके सटीक मूल्य उनकी वेबसाइट पर देखें; हम उनका दावा नहीं करते। XLSForm इम्पोर्ट से उनके फ़ॉर्म यहाँ सीधे चलते हैं।
सबसे बड़ा हिस्सा फील्ड टीम है — वॉलंटियर की संख्या, दिन और दैनिक भत्ता — सॉफ़्टवेयर नहीं। दूसरा: क्षेत्र का आकार (एक विधानसभा या पूरा ज़िला), सर्वे की लंबाई (10 प्रश्न या 60), और सैंपल का लक्ष्य। तीसरा: गुणवत्ता-जाँच — बैक-चेक की दर, सुपरवाइज़र की संख्या। ऊपर का कैलकुलेटर दिखाता है कि 10–20% फ़र्ज़ी सर्वे कितना भत्ता बर्बाद करते हैं — सॉफ़्टवेयर का असली मूल्य वहीं है।
इनवॉइस पर बैंक ट्रांसफर / UPI; GST इनवॉइस और रसीद। प्लान समाप्ति से पहले रिमाइंडर। सीमित-अवधि पायलट (1 विधानसभा / 1 ब्लॉक / 1 शहर, 5–10 सीटें) उपलब्ध है — शर्तें डेमो में तय होती हैं, और पायलट रिपोर्ट के आधार पर पूरा प्लान बनता है।
नया डेटा-संग्रह रुक जाता है, पुराना डेटा read-only रहता है — आप रिपोर्ट देख और निर्यात कर सकते हैं। रिन्युअल पर सब फिर सक्रिय। डेटा सुरक्षित रहता है ताकि बाद में भी एक्सपोर्ट हो सके; आपके कहने पर मिटाया / anonymise किया जाता है — गोपनीयता नीति में विस्तार से।
सूत्र: लक्ष्य घर ÷ (एक व्यक्ति के रोज़ के घर × फील्ड-दिन)। नमूना: 12,000 घर, छोटा फ़ॉर्म (30 घर / दिन), 20 फील्ड-दिन → 20 सीटें। लंबा फ़ॉर्म हो तो रोज़ के घर घटते हैं और सीटें या दिन बढ़ते हैं। गैरहाज़िर लोगों के लिए अलग ‘बफ़र’ सीट मत लीजिए — replacement पर चार्ज नहीं लगता। सुपरवाइज़र (सिर्फ़ समीक्षा) और Viewer इस गिनती में नहीं आते।
नहीं। 1 सीट = 1 नामित व्यक्ति = 1 अधिकृत डिवाइस। सुबह-शाम की पाली में दो अलग लोग हों तो दो सीटें लगेंगी। यह नियम जवाबदेही के लिए है: हर सर्वे के पीछे एक नाम, एक फोन और उसकी लोकेशन का सबूत होता है। व्यक्ति स्थायी रूप से बदल जाए तो वह replacement है — बिना चार्ज।
नहीं — कोई per-response या per-submission शुल्क नहीं। एक वॉलंटियर दिन में 20 सर्वे भरे या 60, सीट वही रहती है। सिर्फ़ फोटो-भारी प्रोजेक्ट (जैसे रिटेल ऑडिट) में अतिरिक्त storage अलग मद हो सकती है, और वह कोटेशन में पहले से लिखी होती है।
NGO / फाउंडेशन के लिए अलग प्लान-सूची पर बात होती है — डेमो में संस्था का प्रकार, प्रोजेक्ट की अवधि और टीम का आकार बताइए। बेसलाइन–एंडलाइन जैसे प्रोजेक्ट में, जहाँ बीच के महीनों में फील्ड-काम नहीं होता, अवधि और सीटों की शर्तें कोटेशन में उसी हिसाब से लिखी जाती हैं।
हम टेंडर / GeM के लिए ज़रूरी दस्तावेज़ों में सहयोग करते हैं — तकनीकी विवरण, सुरक्षा और डेटा-होस्टिंग का ब्योरा, permissions matrix, backup/restore दस्तावेज़। आम रास्ता: पहले एक ब्लॉक या एक निकाय में पायलट, उसकी रिपोर्ट, और फिर स्केल की रूपरेखा। खरीद-प्रक्रिया की शर्तें विभाग तय करता है; हम उसके अनुरूप कागज़ तैयार करते हैं।
20 मिनट के डेमो के बाद उसी दिन, लिखित में: सेटअप का दायरा, सीटों की संख्या, प्लान अवधि, अलग-से मदें (अगर कोई हों), GST अलग से, और भुगतान की शर्तें। जो बात कोटेशन में नहीं लिखी, वह बिल में नहीं आती।

बताइए क्षेत्र, टीम का आकार और अवधि — डेमो के बाद लिखित कोटेशन उसी दिन, INR में, GST इनवॉइस के साथ।