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Bharat Surveyभारत सर्वे
ऊपर से विधानसभा क्षेत्र के गाँव, खेत और कच्ची सड़कों का दृश्य
लोकेशन · उत्तर प्रदेश · गोरखपुर मंडल

Survey agency in Gorakhpur division: Kushinagar, Maharajganj, Deoria

कुशीनगर में सर्वे कंपनी या गोरखपुर मंडल के किसी ज़िले में फील्ड सर्वे चाहिए, तो यह पेज राजनीतिक टीमों, NGO, शोधकर्ताओं और विभागों के लिए है। यह मंडल महाराजगंज की नेपाल सीमा से देवरिया तक फैला है, और यहाँ की लोकसभा सीटें ज़िलों की सीमा पार करती हैं। भारत सर्वे विधानसभा क्षेत्र से सैंपल बनाता है, प्रोजेक्ट के लिए फील्ड टीम भेजता है और ऑफ़लाइन ऐप में हर इंटरव्यू का लोकेशन और समय रखता है।

  • बँटी हुई सीटों के लिए क्षेत्रवार सैंपल
  • सीमा और जंगल वाले ब्लॉकों में ऑफ़लाइन काम
  • हिंदी प्रश्नावली, ज़रूरत हो तो भोजपुरी बोलने वाले सर्वेयर
  • ब्लॉकवार रोज़ की प्रगति
ग्राम पंचायत बरौली
शिफ्ट
लोकेशन साझा होगी
सिर्फ़ शिफ्ट के दौरान, आपके सुपरवाइज़र को। ‘शिफ्ट समाप्त’ पर बंद।
पहुँच-जाँच
26.8467 N · 80.9462 E · ±12 m
अनुमानित रूप से क्षेत्र में
शिफ्ट शुरू करें
विधानसभा 172 · सर्वे राउंड 2अंतिम अपडेट 12s पहले · नमूना
3,000
लक्ष्य घर
2,184
विज़िट
1,962
पूर्ण सर्वे
1,871
स्वीकृत
दैनिक स्वीकृत सर्वेपिछले 12 दिन
भारत–नेपाल सीमादेवरिया: तीन सीटेंतमकुहीराज और फाज़िलनगरपडरौना मुख्यालयदेवरिया के 16 ब्लॉकतराई के गाँवऑफ़लाइन सिंक
मंडल

गोरखपुर मंडल का मुख्यालय गोरखपुर है और इसमें चार ज़िले हैं: गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और महाराजगंज। महाराजगंज की उत्तरी सीमा नेपाल से लगती है। गाँव पास-पास बसे हैं, पर बरसात में ब्लॉकों के बीच की सड़कें धीमी हो जाती हैं।

सीटों का नक्शा ध्यान से पढ़ें

कुशीनगर ज़िले के तमकुहीराज और फाज़िलनगर क्षेत्र देवरिया लोकसभा सीट में वोट करते हैं। देवरिया ज़िले के सात क्षेत्र तीन सीटों में बँटे हैं: देवरिया, सलेमपुर और बांसगांव। गोरखपुर ज़िले का खजनी क्षेत्र भी संत कबीर नगर सीट में जाता है। ज़िलेवार योजना बनाने पर अलग-अलग मतदाता समूह चुपचाप मिल जाते हैं।

मंडल के ज़िले

  • गोरखपुर (मुख्यालय)
  • देवरिया
  • कुशीनगर
  • महाराजगंज
तुलना

गोरखपुर मंडल: सीटें और प्रशासनिक इकाइयाँ
ज़िलाविधानसभा क्षेत्रलोकसभा सीटेंतहसीलब्लॉक
गोरखपुर9गोरखपुर, बांसगांव, संत कबीर नगर720
कुशीनगर7कुशीनगर, देवरिया614
महाराजगंज5महाराजगंज412
देवरिया7देवरिया, सलेमपुर, बांसगांव516

सीटें: परिसीमन आदेश 2008 (भारत निर्वाचन आयोग)। तहसील और ब्लॉक: ज़िलों की NIC वेबसाइट, सितंबर 2026 में जाँचा गया।

ज़िलेवार

कुशीनगर: दो सीटों में बँटा ज़िला

लोकसभा
कुशीनगर; देवरिया (2 क्षेत्र)
विधानसभा क्षेत्र
7
तहसील / ब्लॉक
6 / 14

कुशीनगर ज़िले का मुख्यालय पडरौना है, जबकि कुशीनगर कस्बा भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण स्थल के रूप में दुनिया भर में जाना जाता है। सात में से पाँच क्षेत्र, खड्डा, पडरौना, कुशीनगर, हाटा और रामकोला, कुशीनगर लोकसभा सीट बनाते हैं; तमकुहीराज और फाज़िलनगर देवरिया सीट में जाते हैं। संसद के सवाल पर इन दोनों को देवरिया के साथ गिनना होगा। ज़िले की वेबसाइट पर 6 तहसील और 14 ब्लॉक दर्ज हैं। तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की आवाजाही बाज़ार शोध के लिए एक अलग वर्ग देती है।

महाराजगंज में सर्वे कंपनी

लोकसभा
महाराजगंज
विधानसभा क्षेत्र
5
तहसील / ब्लॉक
4 / 12

महाराजगंज मंडल का सीमावर्ती ज़िला है; ज़िले की वेबसाइट के अनुसार इसकी उत्तरी सीमा नेपाल से लगती है। इसके पाँच क्षेत्र, फरेंदा, नौतनवा, सिसवा, महाराजगंज और पनियरा, मिलकर पूरी महाराजगंज लोकसभा सीट बनाते हैं, इसलिए महाराजगंज चुनाव सर्वे कंपनी ज़िले और सीट को एक ही सैंपल फ्रेम मान सकती है। सोनौली सीमा की ओर जाने वाले नौतनवा जैसे कस्बों में सीमा पार व्यापार एक असली मुद्दा है। 4 तहसील और 12 ब्लॉक होने से फील्ड के दिन देवरिया से कम लगते हैं, पर उत्तर के जंगल वाले ब्लॉकों में नेटवर्क नहीं मिलता। कोई भी महाराजगंज सर्वे एजेंसी वहाँ ऑफ़लाइन काम की योजना पहले से रखे।

देवरिया में सर्वे कंपनी

लोकसभा
देवरिया, सलेमपुर, बांसगांव
विधानसभा क्षेत्र
7
ब्लॉक / नगर निकाय
16 / 17

देवरिया का सीट नक्शा मंडल में सबसे बिखरा हुआ है। देवरिया, पथरदेवा और रामपुर कारखाना देवरिया सीट में हैं; भाटपार रानी और सलेमपुर, सलेमपुर सीट में जो बलिया तक जाती है; रुद्रपुर और बरहज बांसगांव सीट में। जो देवरिया सर्वे एजेंसी पूरे ज़िले का एक आँकड़ा देती है, वह तीन अलग मुकाबलों का औसत निकाल रही है, इसलिए देवरिया चुनाव सर्वे कंपनी को क्षेत्रवार वेटिंग करनी चाहिए। ज़िले की वेबसाइट पर 16 ब्लॉक, 1,122 ग्राम पंचायतें और 17 नगर निकाय दर्ज हैं, यानी गाँव स्तर के कवरेज में काफ़ी काम है।

गोरखपुर: मुख्यालय ज़िला

लोकसभा
गोरखपुर, बांसगांव, संत कबीर नगर (खजनी)
विधानसभा क्षेत्र
9
नगर निकाय
नगर निगम

मंडल में नगर निगम केवल गोरखपुर में है। इसके नौ क्षेत्र तीन सीटों में जाते हैं: पाँच गोरखपुर में, तीन (चौरी-चौरा, बांसगांव और चिल्लूपार) बांसगांव में, और खजनी संत कबीर नगर सीट में। ज़िले की वेबसाइट 7 तहसीलें और 20 ब्लॉक दर्ज करती है। शहर का अलग पेज है।

गोरखपुर: मुख्यालय ज़िला
एक फील्ड राउंड

गोरखपुर मंडल सर्वे की ब्रीफिंग
दिन 1
01 / 04

गोरखपुर मंडल सर्वे की ब्रीफिंग

टीम को प्रश्नावली और क्षेत्र सौंपे जाते हैं; तमकुहीराज और फाज़िलनगर को देवरिया सीट के क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया जाता है।

पहले सीमा और तराई के ब्लॉक
दिन 2–5
02 / 04

पहले सीमा और तराई के ब्लॉक

महाराजगंज और उत्तरी कुशीनगर पहले, ताकि बारिश से पहले सड़कें साथ दें। इंटरव्यू ऑफ़लाइन रहते हैं और कस्बे में सिंक होते हैं।

देवरिया, सीट समूहों में
दिन 5–8
03 / 04

देवरिया, सीट समूहों में

देवरिया के क्षेत्र तीन सीट समूहों में पूरे किए जाते हैं, ताकि कोटा बराबर भरे।

बैक-चेक और समीक्षा
दिन 9
04 / 04

बैक-चेक और समीक्षा

सुपरवाइज़र कुछ उत्तरदाताओं से दोबारा बात करते हैं और संदिग्ध इंटरव्यू देखते हैं, फिर क्षेत्रवार वेटिंग होती है।

हमारी राय

यह सही नहीं है अगर

  • कुशीनगर, महाराजगंज या देवरिया में दफ़्तर या स्थायी टीम
  • नेपाल के भीतर सर्वे
  • मतदाता सूची इम्पोर्ट या किसी मतदाता की ट्रैकिंग
  • चुनाव नतीजे की गारंटी

यह सही है अगर

  • ज़िलों के पार जाने वाली सीटों का सर्वे
  • ग्रामीण ब्लॉकों में घरेलू और योजना सर्वे
  • कुशीनगर और नौतनवा में पर्यटक और व्यापारी शोध
  • ऑफ़लाइन बूथ का काम चलाने वाली टीमें
FAQ

इस विषय पर सबसे ज़्यादा पूछे जाने वाले सवालों के सीधे जवाब।

गोरखपुर मंडल में कौन-से ज़िले हैं?

चार: गोरखपुर (मुख्यालय), देवरिया, कुशीनगर और महाराजगंज। गोरखपुर शहर का अलग पेज है। यहाँ बाकी तीन ज़िलों की जानकारी 2008 के परिसीमन और ज़िलों की वेबसाइट के आँकड़ों के साथ दी गई है।

देवरिया ज़िला किन लोकसभा सीटों में आता है?

तीन में। देवरिया, पथरदेवा और रामपुर कारखाना देवरिया सीट में; भाटपार रानी और सलेमपुर, सलेमपुर सीट में; रुद्रपुर और बरहज बांसगांव सीट में। देवरिया सीट में कुशीनगर ज़िले के तमकुहीराज और फाज़िलनगर भी शामिल हैं।

क्या ऐप नेपाल सीमा के पास के ब्लॉकों में चलेगा?

हाँ। Android ऐप पूरी तरह ऑफ़लाइन डेटा लेता है, हर रिकॉर्ड के साथ लोकेशन और समय रखता है और नेटवर्क मिलते ही सिंक करता है। शाम को किसी कस्बे में सिंक का समय तय रखना अच्छा रहता है।

क्या मंडल में आपका स्थानीय स्टाफ़ है?

हम यहाँ किसी दफ़्तर या स्थायी टीम का दावा नहीं करते। हर प्रोजेक्ट के लिए सर्वेयर भर्ती और प्रशिक्षित होते हैं, कोशिश रहती है कि वे उसी इलाके की बोली बोलें, और उनका काम ऐप के सबूत और बैक-चेक से जाँचा जाता है।

शाम के समय कस्बे का हवाई दृश्य
भारत पूरे देश में, हिंदी-प्रथम

सीट या ब्लॉक और आपके सवाल बताइए। हम क्षेत्रवार योजना और समय-सीमा भेजेंगे।