
बरसात में गाँवों तक पहुँच की जाँच
नदियों के किनारे के गाँवों में रास्ते कट सकते हैं। हम हर हफ़्ते की शुरुआत में स्थिति देखते हैं और अगर कोई गाँव छोड़ना पड़े तो पहले आपको बताते हैं।

Survey company in Gorakhpur: nine seats, three Lok Sabha constituencies, a monsoon calendar
भारत सर्वे गोरखपुर में सर्वे कंपनी के रूप में चुनाव टीमों, स्वास्थ्य और विकास से जुड़े NGO, सरकारी विभागों और बाज़ार शोध करने वालों के लिए फील्ड सर्वे करता है। राप्ती और रोहिन नदियों वाले इस ज़िले में बरसात के महीनों में कई गाँवों तक पहुँचना मुश्किल हो जाता है। इसलिए हमारी योजना में सीटवार सैंपल के साथ मौसम का कैलेंडर भी होता है, और हर इंटरव्यू GPS व समय के साथ दर्ज होता है।
कैम्पियरगंज, पिपराइच, गोरखपुर शहर, गोरखपुर ग्रामीण और सहजनवा। शहर के वार्ड और आसपास के गाँव एक ही लोकसभा में हैं, पर उनका कोटा अलग रखा जाता है।
चौरी चौरा, बांसगांव (SC) और चिल्लूपार बांसगांव लोकसभा में हैं, जिसके बाकी क्षेत्र पड़ोसी ज़िले में आते हैं।
खजनी (SC) गोरखपुर ज़िले में है, पर संत कबीर नगर लोकसभा में वोट करता है। इसका डेटा उसी सीट के साथ जोड़ा जाना चाहिए।
स्रोत: ज़िला गोरखपुर (NIC): निर्वाचन क्षेत्र · उत्तर प्रदेश विधानसभा क्षेत्रों की सूची
| आपका सवाल | दायरा | ध्यान रखें |
|---|---|---|
| शहर की सफ़ाई, पानी, सड़क | नगर निगम के 80 वार्ड | वार्डवार कोटा |
| सांसद स्तर की राय | गोरखपुर या बांसगांव लोकसभा | बांसगांव के बाहरी क्षेत्र भी जोड़ें |
| स्वास्थ्य या योजना मूल्यांकन | ब्लॉक और गाँव | बरसात के महीनों से बचें |
इस विषय पर सबसे ज़्यादा पूछे जाने वाले सवालों के सीधे जवाब।
ज़िला प्रशासन की सूची में 9। इनमें पाँच गोरखपुर लोकसभा में, तीन बांसगांव लोकसभा में और खजनी संत कबीर नगर लोकसभा में आती है। हम हर इंटरव्यू पर सीट दर्ज करते हैं ताकि किसी भी लोकसभा की रिपोर्ट अलग बन सके।
नदी किनारे के कुछ गाँवों तक पहुँच मुश्किल होती है। हम हर हफ़्ते स्थिति देखकर रूट बदलते हैं, और अगर कोई गाँव बदलना पड़े तो आपको बताकर ही मिलते-जुलते गाँव से बदलते हैं। पूरे ज़िले के सैंपल के लिए अक्टूबर के बाद का समय बेहतर है।
घरेलू स्वास्थ्य और योजना लाभ से जुड़े सर्वे करते हैं, सहमति ऐप में दर्ज करके। मेडिकल जाँच या इलाज से जुड़ा कोई काम हम नहीं करते, और किसी व्यक्ति की पहचान रिपोर्ट में नहीं दिखती।
कोटेशन पर: सीटें, इंटरव्यू की संख्या, प्रश्नावली की लंबाई, गाँवों की दूरी और मौसम। अपनी टीम से सर्वे कराने वालों के लिए सीट-आधारित ऐप एक्सेस भी है।

सीटें, ब्लॉक और तारीखें बताइए, हम मौसम देखकर योजना भेजेंगे।