
Survey company in Varanasi: eight seats, three Lok Sabha constituencies
भारत सर्वे वाराणसी में सर्वे कंपनी के रूप में शोध संस्थाओं, पर्यटन और बाज़ार से जुड़े कारोबार, NGO और चुनाव टीमों के लिए फील्ड सर्वे करता है। पुराने शहर की गलियों में घर ढूँढना, घाटों पर बाहर से आए लोगों को स्थानीय निवासियों से अलग रखना और पिंडरा-सेवापुरी के गाँवों तक पहुँचना, तीनों के लिए अलग योजना चाहिए। हर इंटरव्यू ऐप पर GPS और समय के साथ दर्ज होता है।
- 8 विधानसभा क्षेत्र
- 3 तहसील, 8 ब्लॉक
- नगर निगम के 100 वार्ड
- पूर्ण
- आंशिक
- मना किया
- संपर्क नहीं
- घर बंद
- पुनः-विज़िट
- क्षेत्र मेंअनुमानित सीमा के भीतर
- Accuracy±12 m
- समय09:42 · ताज़ा fix
- Mock GPSनहीं मिला
- इंटरव्यू अवधि11 मिनट
गलियाँ और पक्के महाल
निवासी बनाम आगंतुक
पिंडरा से सेवापुरी तक
स्रोत: वाराणसी लोकसभा क्षेत्र · चंदौली लोकसभा क्षेत्र · मछलीशहर लोकसभा क्षेत्र
सैंपल सीट के हिसाब से
वाराणसी लोकसभा की पाँच सीटें, और बाकी तीन सीटें उनकी अपनी लोकसभा के हिसाब से अलग परत में।
गली में घर की पहचान
मकान मिलने पर फोटो और GPS, न मिलने पर भी नतीजा दर्ज। यही बाद में बैक-चेक का आधार बनता है।
मौसम और त्योहारों का ध्यान
बड़े स्नान पर्व और त्योहारों के दिनों में घाट और पुराने शहर में भीड़ रहती है; ऐसे दिनों में वहाँ का घरेलू फील्डवर्क टालकर गाँवों का काम आगे किया जाता है।
- घर 15 · रामलालपूर्ण
- घर 16 · सुनीतापूर्ण
- घर 17 · बंदपुनः-विज़िट
- घर 18 · मोहनभर रहे हैं…
घर-घर सर्वे
- वार्ड और गाँव के हिसाब से सैंपल
- चुनाव और योजना शोध के लिए सही
- गलियों में समय ज़्यादा लगता है
घाट और बाज़ार इंटरसेप्ट
- पर्यटन और खरीदारी पर राय
- कम समय में ज़्यादा इंटरव्यू
- निवासियों का प्रतिनिधि सैंपल नहीं
हमारी राय
ज़िले की आठ में से तीन सीटें वाराणसी लोकसभा में नहीं हैं। अजगरा और शिवपुर चंदौली सीट का हिस्सा हैं, और पिंडरा जौनपुर ज़िले की चार सीटों के साथ मछलीशहर लोकसभा में जाता है। एजेंसी से पूछिए कि वह इन तीन सीटों का डेटा किस लोकसभा के साथ जोड़ेगी।
नगर निगम चुनाव के लिए
100 वार्डों में शहर के पुराने हिस्से और नए जुड़े इलाकों के मुद्दे अलग होते हैं। हम वार्डवार कोटा रखते हैं और हर वार्ड की रिपोर्ट अलग देते हैं।
यह सही नहीं है अगर
- वाराणसी में दफ़्तर का दावा नहीं; हर प्रोजेक्ट के लिए प्रगणक भेजे जाते हैं
- मतदाता सूची इम्पोर्ट नहीं
- किसी चुनावी नतीजे का वादा नहीं
यह सही है अगर
- सीटवार और वार्डवार जनमत सर्वे
- पर्यटन और बाज़ार इंटरसेप्ट
- ग्रामीण योजना मूल्यांकन
इस विषय पर सबसे ज़्यादा पूछे जाने वाले सवालों के सीधे जवाब।
क्या वाराणसी ज़िले की सभी सीटें वाराणसी लोकसभा में हैं?
नहीं। रोहनिया, वाराणसी उत्तर, दक्षिण, कैंट और सेवापुरी वाराणसी लोकसभा में हैं। अजगरा और शिवपुर चंदौली लोकसभा में और पिंडरा मछलीशहर लोकसभा में आते हैं। इसलिए ज़िले का औसत किसी एक लोकसभा सीट के लिए सही नहीं होता।
पुराने शहर की गलियों में इंटरव्यू की जाँच कैसे होती है?
हर विज़िट पर GPS पिन, समय और ज़रूरत हो तो दरवाज़े की फोटो दर्ज होती है। बहुत छोटे या तय इलाके से बाहर के इंटरव्यू समीक्षा में जाते हैं, और कुछ घरों में दोबारा संपर्क करके जवाब मिलाए जाते हैं।
क्या आप पर्यटकों का सर्वे भी करते हैं?
हाँ, घाट, मंदिर मार्ग और बाज़ारों में इंटरसेप्ट सर्वे होता है। ऐसे सर्वे में पहला सवाल तय करता है कि उत्तरदाता निवासी है या आगंतुक, ताकि दोनों का डेटा आपस में न मिले।
वाराणसी सर्वे का खर्च कैसे तय होता है?
कोटेशन पर, इंटरव्यू की संख्या, शहरी और ग्रामीण हिस्से, प्रश्नावली की लंबाई और तारीखों के हिसाब से। त्योहारों के दिनों में फील्ड धीमा रहता है, यह योजना में पहले से जोड़ा जाता है।

निवासी, आगंतुक या किसी सीट के मतदाता: बताइए, हम सैंपल योजना भेजेंगे।