
Survey company in Noida (Gautam Buddha Nagar): sectors, high-rises and 423 villages
भारत सर्वे गौतम बुद्ध नगर में सर्वे कंपनी के रूप में ब्रांड, रियल एस्टेट और उपभोक्ता शोध करने वालों, चुनाव टीमों और सामाजिक संस्थाओं के लिए फील्ड सर्वे करता है। नोएडा का सर्वे बाकी उत्तर प्रदेश जैसा नहीं होता: ऊँची सोसाइटियों में गेट पर अनुमति चाहिए, कामकाजी लोग शाम को ही मिलते हैं, और ज़िले के गाँव सेक्टरों के बीच या यमुना एक्सप्रेसवे के पास हैं। हर इंटरव्यू GPS और समय के साथ दर्ज होता है।
- 3 विधानसभा क्षेत्र: नोएडा, दादरी, जेवर
- 4 ब्लॉक, 423 गाँव
- सोसाइटी और गाँव, दोनों के लिए अलग तरीका
नमस्ते, मैं राम कुमार, यह सर्वे नमूना संस्था करा रही है। उद्देश्य: आपके मोहल्ले की सुविधाओं की जानकारी। यह स्वैच्छिक है, आप कभी भी मना कर सकते हैं।
सोसाइटी और सेक्टर
- RWA या प्रबंधन से पहले अनुमति
- शाम और सप्ताहांत की शिफ्ट
- हिंदी और अंग्रेज़ी प्रश्नावली
- किराएदार और मालिक अलग गिने जाते हैं
गाँव और कस्बे
- घर-घर सर्वे, दिन में
- खेती और ज़मीन से जुड़े सवाल
- कई जगह तेज़ बदलाव वाले इलाके
- ऑफलाइन ऐप काम आता है
ज़िले में तीन विधानसभा सीटें हैं: नोएडा, दादरी और जेवर। गौतम बुद्ध नगर लोकसभा सीट में इनके साथ बुलंदशहर ज़िले की सिकंदराबाद और खुर्जा (SC) सीटें भी आती हैं। यानी लोकसभा स्तर के सर्वे में लगभग दो-पाँचवाँ सैंपल ज़िले के बाहर के कस्बों और गाँवों से आना चाहिए, जहाँ के मुद्दे नोएडा की सोसाइटियों से बिल्कुल अलग हैं।
नगर निगम नहीं, प्राधिकरण
उत्तर प्रदेश के 17 नगर निगमों में नोएडा शामिल नहीं है। शहर में विकास और कई नागरिक सेवाओं का काम नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण देखते हैं। इसलिए यहाँ वार्ड की जगह सेक्टर और सोसाइटी के हिसाब से सैंपल बनाना ज़्यादा काम का होता है।
स्रोत: ज़िला गौतम बुद्ध नगर (NIC): ज़िले के बारे में · ज़िला गौतम बुद्ध नगर (NIC): निर्वाचन क्षेत्र
- 01
अनुमति पहले
सोसाइटी प्रबंधन या RWA को सर्वे का उद्देश्य और प्रगणकों की सूची दी जाती है। अनुमति के बिना टावरों में घर-घर सर्वे नहीं होता।ग्राम पंचायत बरौलीशिफ्टलोकेशन साझा होगीसिर्फ़ शिफ्ट के दौरान, आपके सुपरवाइज़र को। ‘शिफ्ट समाप्त’ पर बंद।शिफ्ट शुरू करेंपहुँच-जाँच26.8467 N · 80.9462 E · ±12 mअनुमानित रूप से क्षेत्र में - 02
सही समय पर दरवाज़ा
कामकाजी घरों के लिए शाम 6 बजे के बाद और सप्ताहांत की शिफ्ट। दिन में बंद मिले घर का नतीजा भी दर्ज होता है।घर #17 · विज़िट का परिणाम- पूर्ण
- आंशिक
- मना किया
- संपर्क नहीं
- घर बंद
- पुनः-विज़िट
- 03
सहमति और छोटी प्रश्नावली
सहमति ऐप में दर्ज होती है और सवाल हिंदी या अंग्रेज़ी में। लंबी प्रश्नावली हो तो ऑनलाइन लिंक का विकल्प अलग से सुझाया जाता है।घर #17 · परिचय-सहमतिनमस्ते, मैं राम कुमार, यह सर्वे नमूना संस्था करा रही है। उद्देश्य: आपके मोहल्ले की सुविधाओं की जानकारी। यह स्वैच्छिक है, आप कभी भी मना कर सकते हैं।
सहमति v2 · 09:44सहमत — सर्वे शुरूमना किया - 04
टावर स्तर तक प्रगति
डैशबोर्ड पर दिखता है कि किस सेक्टर और सोसाइटी में कितने इंटरव्यू हुए, ताकि कोटा एक ही टावर में न भर जाए।3,000लक्ष्य आउटलेट2,184विज़िट1,962ऑडिट पूर्ण1,871स्वीकृतदैनिक स्वीकृत ऑडिटपिछले 12 दिन
- पूर्ण
- आंशिक
- मना किया
- संपर्क नहीं
- घर बंद
- पुनः-विज़िट
नमस्ते, मैं राम कुमार, यह सर्वे नमूना संस्था करा रही है। उद्देश्य: आपके मोहल्ले की सुविधाओं की जानकारी। यह स्वैच्छिक है, आप कभी भी मना कर सकते हैं।
हमारी राय
यह सही नहीं है अगर
- नोएडा में दफ़्तर का दावा नहीं; हर प्रोजेक्ट के लिए टीम भेजी जाती है
- बिना अनुमति सोसाइटी में प्रवेश नहीं
- मतदाता सूची इम्पोर्ट या नतीजों का वादा नहीं
यह सही है अगर
- उपभोक्ता और रियल एस्टेट शोध
- सीटवार जनमत सर्वे
- गाँवों में घरेलू सर्वे
इस विषय पर सबसे ज़्यादा पूछे जाने वाले सवालों के सीधे जवाब।
गौतम बुद्ध नगर लोकसभा सीट में कौन-सी विधानसभा सीटें हैं?
ज़िले की नोएडा, दादरी और जेवर, और बुलंदशहर ज़िले की सिकंदराबाद और खुर्जा। इसलिए लोकसभा स्तर का सर्वे सिर्फ़ नोएडा शहर में करना ठीक नहीं; बुलंदशहर वाले हिस्से का कोटा अलग रखा जाता है।
क्या हाई-राइज़ सोसाइटियों में घर-घर सर्वे हो सकता है?
हो सकता है, पर प्रबंधन या RWA की अनुमति से। अनुमति मिलने पर शाम और सप्ताहांत में इंटरव्यू होते हैं, और टावरवार कोटा रखा जाता है ताकि सैंपल कुछ ही टावरों में न सिमटे। बिना अनुमति हम सोसाइटी में प्रवेश नहीं करते।
नोएडा में वार्डवार सर्वे क्यों नहीं?
क्योंकि नोएडा नगर निगम नहीं है; शहर का ज़्यादातर काम विकास प्राधिकरण देखते हैं। यहाँ सेक्टर, सोसाइटी और गाँव के हिसाब से सैंपल बनाना नागरिक सवालों के लिए ज़्यादा उपयोगी रहता है।
खर्च कैसे तय होगा?
कोटेशन पर। सोसाइटी और गाँव का अनुपात, इंटरव्यू की संख्या, प्रश्नावली की लंबाई और शाम-सप्ताहांत की शिफ्ट खर्च पर असर डालते हैं।
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सेक्टर, सोसाइटी, गाँव या पूरी लोकसभा सीट: बताइए, हम योजना भेजेंगे।