
Survey company in Ghaziabad: Delhi-border colonies, 100 wards, two Lok Sabha seats
भारत सर्वे गाजियाबाद में सर्वे कंपनी के रूप में चुनाव टीमों, उपभोक्ता शोध करने वालों और नागरिक मुद्दों पर काम करने वाली संस्थाओं के लिए फील्ड सर्वे करता है। दिल्ली की सीमा से लगे इस ज़िले में साहिबाबाद और इंदिरापुरम जैसी घनी बस्तियाँ, लोनी की तेज़ी से बढ़ी कॉलोनियाँ और मुरादनगर-मोदीनगर के कस्बे साथ-साथ हैं। रोज़ दिल्ली आने-जाने वाले उत्तरदाता शाम को मिलते हैं, इसलिए शिफ्ट उसी हिसाब से बनती है।
- 5 विधानसभा क्षेत्र
- नगर निगम के 100 वार्ड
- गाजियाबाद और बागपत लोकसभा
- क्षेत्र मेंअनुमानित सीमा के भीतर
- Accuracy±12 m
- समय09:42 · ताज़ा fix
- Mock GPSनहीं मिला
- इंटरव्यू अवधि11 मिनट
स्रोत: ज़िला गाजियाबाद (NIC): निर्वाचन क्षेत्र · 2023 उत्तर प्रदेश नगर निकाय चुनाव
घनी और नई बसी कॉलोनियाँ
लोनीपुराना गाजियाबाद और बाज़ार
शहरकस्बे और गाँव
मुरादनगर-मोदीनगर| सवाल | दायरा | ज़िले के बाहर |
|---|---|---|
| सांसद स्तर की राय | गाजियाबाद लोकसभा की 5 सीटें | धौलाना (हापुड़) |
| महापौर या पार्षद स्तर | नगर निगम के 100 वार्ड | नहीं |
| ज़िला स्तर की योजना | ज़िले की 5 सीटें | नहीं; मोदीनगर शामिल |
हमारी राय
लोकसभा सीट का सर्वे हो तो धौलाना को जोड़ना और मोदीनगर को बाहर रखना ज़रूरी है। नगर निगम का सर्वे हो तो हर वार्ड का कोटा तय होना चाहिए, क्योंकि जलभराव, पार्किंग और पानी जैसे मुद्दे पुराने शहर और नई सोसाइटियों में अलग तरह से सामने आते हैं।
अपनी टीम के लिए बूथ प्रबंधन
कार्यकर्ता ऐप पर बूथ नंबर के हिसाब से विज़िट, शिकायतें और प्रगति दर्ज करते हैं। मतदाता सूची इम्पोर्ट नहीं होती और किसी मतदाता को ट्रैक नहीं किया जाता।
हर विज़िट का समय, GPS और नतीजा दर्ज होता है, चाहे इंटरव्यू हुआ हो या घर बंद मिला हो।



यह सही नहीं है अगर
- गाजियाबाद में दफ़्तर का दावा नहीं
- मतदाता सूची इम्पोर्ट नहीं
- नतीजों का वादा नहीं
यह सही है अगर
- वार्ड और सीटवार जनमत सर्वे
- उपभोक्ता और नागरिक सर्वे
- टीम के लिए बूथ प्रबंधन ऐप
इस विषय पर सबसे ज़्यादा पूछे जाने वाले सवालों के सीधे जवाब।
गाजियाबाद लोकसभा सीट में कौन-सी विधानसभा सीटें हैं?
ज़िले की लोनी, मुरादनगर, साहिबाबाद और गाजियाबाद, और हापुड़ ज़िले की धौलाना। ज़िले की पाँचवीं सीट मोदीनगर बागपत लोकसभा में आती है। हम हर इंटरव्यू पर सीट दर्ज करते हैं ताकि दोनों तरह की रिपोर्ट बन सके।
नगर निगम के कितने वार्ड हैं?
गाजियाबाद नगर निगम में 100 वार्ड हैं और पिछला चुनाव मई 2023 में हुआ। वार्डवार सर्वे में हर वार्ड का अलग कोटा और हर विज़िट का GPS रिकॉर्ड रहता है।
दिल्ली जाने वाले लोगों तक कैसे पहुँचते हैं?
शाम और सप्ताहांत की शिफ्ट से। दिन में बंद मिले घर पर दोबारा जाया जाता है और हर प्रयास का नतीजा दर्ज होता है, ताकि सैंपल सिर्फ़ दिन में घर पर मिलने वालों का न रह जाए।
खर्च कैसे तय होगा?
कोटेशन पर: वार्ड या सीटों की संख्या, इंटरव्यू, प्रश्नावली की लंबाई और शाम की शिफ्ट का अनुपात देखकर। अपनी टीम के लिए सीट-आधारित ऐप एक्सेस भी है।

दायरा और तारीखें बताइए, हम सैंपल योजना भेजेंगे।