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ऊपर से विधानसभा क्षेत्र के गाँव, खेत और कच्ची सड़कों का दृश्य
उत्तर प्रदेश · मुरादाबाद मंडल

बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर और संभल: सीट दर सीट योजना

भारत सर्वे बिजनौर में सर्वे कंपनी के रूप में और पूरे मुरादाबाद मंडल में चुनाव टीमों, विभागों, NGO और शोधकर्ताओं के लिए फील्ड सर्वे करता है। इस मंडल में ज़मीनी भाषा दोहरी है: जनगणना 2011 के अनुसार ज़िले के हिसाब से लगभग 17% से 23% लोगों की मातृभाषा उर्दू है। इसलिए सवाल हिंदी और उर्दू दोनों में तैयार होते हैं, और हर इंटरव्यू ऑफलाइन Android ऐप में GPS और समय के साथ दर्ज होता है।

  • एक ही फ़ॉर्म में हिंदी और उर्दू
  • ज़िले की सीमा पार करने वाली लोकसभा सीटों का नक्शा
  • गन्ना बेल्ट के गाँवों में ऑफलाइन काम
  • विधानसभा क्षेत्रवार रोज़ाना प्रगति
bharatsurvey.org/app/172/live
राम कुमार · शिफ्ट चालू
26.8467 N · 80.9462 E · ±12 m
14
प्राप्त
12
स्वीकृत
1
समीक्षा
1
बाहर
सर्वे 3/6 · सुविधाएँऑफलाइन
आपके मोहल्ले में पीने के पानी की स्थिति?
  • नियमित आती है
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पीछेआगे
बिजनौरअमरोहामुरादाबादरामपुरसंभलहिंदी-उर्दू फ़ॉर्मविधानसभा क्षेत्रवार सैंपलगन्ना बेल्ट
बिजनौर ज़िला

जनगणना 2011 में बिजनौर की आबादी लगभग 36.8 लाख थी, जो संभल अलग होने के बाद के मुरादाबाद ज़िले से भी ज़्यादा है। ज़िले की आठ विधानसभा सीटें तीन लोकसभा क्षेत्रों में बँटी हैं। नजीबाबाद, नगीना, धामपुर, नहटौर और नूरपुर नगीना (SC) लोकसभा सीट में आती हैं; बिजनौर और चांदपुर बिजनौर सीट में; और बढ़ापुर मुरादाबाद सीट में। इसलिए ज़िलेवार सैंपल से किसी भी सीट का सही अनुमान नहीं निकलता, हम हर विधानसभा क्षेत्र को अलग स्तर मानकर सैंपल लेते हैं।

ज़िले में पाँच तहसीलें हैं: बिजनौर, नजीबाबाद, नगीना, धामपुर और चांदपुर। चीनी मिलें और गन्ने की खेती यहाँ के सर्वे का समय तय करती हैं, क्योंकि पेराई के मौसम में बहुत से परिवार दिन में घर पर नहीं मिलते। 2011 में 22.5% लोगों की मातृभाषा उर्दू थी।

ज़िलेवार

अमरोहा में सर्वे कंपनी

विधानसभा सीटें
4
लोकसभा
अमरोहा (गढ़मुक्तेश्वर, हापुड़ सहित)
तहसीलें
4

अमरोहा 1997 में मुरादाबाद से अलग होकर ज्योतिबा फुले नगर बना और 2012 में फिर अपना पुराना नाम पाया, इसलिए पुराने आँकड़ों में दोनों नाम मिलते हैं। एक अमरोहा सर्वे एजेंसी को यह मिलान करना पड़ता है। ज़िले में चार विधानसभा सीटें हैं: धनौरा (SC), नौगावां सादात, अमरोहा और हसनपुर। अमरोहा चुनाव सर्वे कंपनी के लिए ज़रूरी बात यह है कि अमरोहा लोकसभा सीट में हापुड़ ज़िले का गढ़मुक्तेश्वर भी शामिल है, जिसे छोड़ने पर सीट का पाँचवाँ हिस्सा छूट जाता है।

मुरादाबाद में सर्वे कंपनी

विधानसभा सीटें
6
नगरीय निकाय
नगर निगम
उर्दू (2011)
17.3%

मुरादाबाद मंडल मुख्यालय है और यहाँ नगर निगम है, इसलिए वार्डवार शहरी सैंपल की माँग यहीं सबसे ज़्यादा आती है। पीतल और धातु हस्तशिल्प निर्यात के लिए मशहूर इस शहर में बाज़ार शोध का मतलब अक्सर कारीगर और कारखाना मालिक होता है। एक मुरादाबाद सर्वे एजेंसी छह विधानसभा सीटों पर काम करती है: कांठ, ठाकुरद्वारा, मुरादाबाद ग्रामीण और मुरादाबाद नगर मुरादाबाद लोकसभा में हैं, जबकि कुंदरकी और बिलारी संभल लोकसभा में। मुरादाबाद चुनाव सर्वे कंपनी को इन दोनों सीटों की रिपोर्ट अलग देनी होती है।

रामपुर में सर्वे कंपनी

विधानसभा सीटें
5
लोकसभा
रामपुर
तहसीलें
6

रामपुर में जनगणना 2011 के अनुसार उर्दू मातृभाषा वालों का हिस्सा 23% था, जो मंडल में सबसे ज़्यादा है, और विभाजन के बाद बसे पंजाबी भाषी परिवार मुख्य रूप से बिलासपुर तहसील में हैं। इसलिए एक रामपुर सर्वे एजेंसी फ़ॉर्म में तीन भाषा विकल्प तैयार रखती है। योजना के लिहाज़ से ज़िला सीधा है: स्वार, चमरौआ, बिलासपुर, रामपुर और मिलक, पाँचों सीटें मिलकर रामपुर लोकसभा बनाती हैं। फिर भी रामपुर चुनाव सर्वे कंपनी को टांडा और शाहाबाद जैसी तहसीलों को शहर से अलग स्तर मानना चाहिए। 2011 में साक्षरता 53.3% थी, इसलिए सवाल पढ़कर सुनाए जाते हैं।

संभल में सर्वे कंपनी

विधानसभा सीटें
4
गठन
2011 (भीम नगर), 2012 में नया नाम
तहसीलें
संभल, चंदौसी, गुन्नौर

संभल मंडल का सबसे नया ज़िला है: 28 सितंबर 2011 को भीम नगर नाम से घोषित हुआ और 23 जुलाई 2012 को संभल नाम मिला, और इसके कई पुराने आँकड़े अब भी मुरादाबाद के नाम दर्ज हैं। इसलिए संभल सर्वे एजेंसी को संभल, चंदौसी और गुन्नौर तहसीलवार आधार फिर से बनाना पड़ता है। राजनीतिक नक्शा यहाँ सबसे उलझा है: संभल लोकसभा में इस ज़िले की चंदौसी, असमोली और संभल सीटें और मुरादाबाद की कुंदरकी व बिलारी आती हैं, जबकि गुन्नौर बदायूं लोकसभा में वोट करता है। संभल चुनाव सर्वे कंपनी को शुरुआत में ही तय करना होता है कि क्लाइंट को ज़िले का अनुमान चाहिए या सीट का।

तुलना

सीटों का नक्शा परिसीमन आदेश 2008 से (मुख्य निर्वाचन अधिकारी उ.प्र. के नक्शे से मिलान); तहसीलें ज़िला NIC वेबसाइटों से, सितंबर 2026; भाषा के आँकड़े जनगणना 2011 की तालिका C-16 से (मुरादाबाद और संभल मौजूदा सीमाओं के हिसाब से)।
ज़िलाविधानसभा सीटेंजुड़ी लोकसभा सीटेंतहसीलेंउर्दू मातृभाषा, 2011
बिजनौर8बिजनौर, नगीना (SC), मुरादाबाद522.5%
अमरोहा4अमरोहा419.7%
मुरादाबाद6मुरादाबाद, संभल417.3%
रामपुर5रामपुर623.0%
संभल4संभल, बदायूं318.6%
काम का तरीका

01ज़िले नहीं, विधानसभा क्षेत्रफ़्रेम

ज़िले नहीं, विधानसभा क्षेत्र

पाँच ज़िलों के 27 विधानसभा क्षेत्रों को उनकी लोकसभा सीट के साथ टैग किया जाता है, और बाहर के क्षेत्र अलग चिह्नित होते हैं।

bharatsurvey.org/app/172/live
राम कुमार · शिफ्ट चालू
26.8467 N · 80.9462 E · ±12 m
14
प्राप्त
12
स्वीकृत
1
समीक्षा
1
बाहर
02नेटवर्क न हो तब भी कामफील्ड

नेटवर्क न हो तब भी काम

हर इंटरव्यू ऑफलाइन सेव होता है, GPS और समय के साथ, और नेटवर्क मिलते ही सिंक हो जाता है।

सिंक
6
फोन में सुरक्षित
8
सर्वर पर पहुँचे
अंतिम सिंक12:40
Offline permit18 h बाकी
फोटो लंबित3
अभी सिंक करें
03दो स्तरों पर वेटिंगरिपोर्ट

दो स्तरों पर वेटिंग

नतीजे ज़िले के लिए और हर लोकसभा सीट के लिए अलग-अलग वेट किए जाते हैं।

रिटेल ऑडिट · वेव 3 · 1,200 आउटलेटअंतिम अपडेट 12s पहले · नमूना
3,000
लक्ष्य आउटलेट
2,184
विज़िट
1,962
ऑडिट पूर्ण
1,871
स्वीकृत
दैनिक स्वीकृत ऑडिटपिछले 12 दिन

हमारी राय

यह सही नहीं है अगर

  • मंडल में हमारा कोई दफ़्तर नहीं है; हर प्रोजेक्ट के लिए फील्ड टीम तैनात होती है
  • हम वोटर लिस्ट इम्पोर्ट नहीं करते और किसी मतदाता को ट्रैक नहीं करते
  • हम चुनाव नतीजे या तय सटीकता का वादा नहीं करते
  • iOS ऐप नहीं है; ऐप Android के लिए है
FAQ

इस विषय पर सबसे ज़्यादा पूछे जाने वाले सवालों के सीधे जवाब।

मुरादाबाद मंडल के सर्वे में विधानसभा क्षेत्रवार सैंपल क्यों ज़रूरी है?

क्योंकि लोकसभा सीटें ज़िले की सीमा पार करती हैं। मुरादाबाद की कुंदरकी और बिलारी संभल सीट में हैं, संभल का गुन्नौर बदायूं में, बिजनौर का बढ़ापुर मुरादाबाद में और हापुड़ का गढ़मुक्तेश्वर अमरोहा में। क्षेत्रवार सैंपल से ज़िला और सीट दोनों के आँकड़े सही आते हैं।

क्या प्रश्नावली उर्दू में हो सकती है?

हाँ। ऐप में एक ही सवाल के हिंदी और उर्दू रूप रहते हैं और इंटरव्यूअर दर्ज करता है कि उत्तरदाता ने कौन-सा चुना। दोनों रूपों को फील्डवर्क से पहले पायलट में जाँचा जाता है, ख़ासकर रामपुर और बिजनौर के लिए।

क्या मुरादाबाद में आपकी स्थानीय टीम है?

हम स्थानीय दफ़्तर का दावा नहीं करते। हर प्रोजेक्ट के लिए संबंधित ज़िलों से इंटरव्यूअर चुने और प्रशिक्षित किए जाते हैं, और हर इंटरव्यू GPS, समय और बैक-चेक से सत्यापित होता है।

शाम के समय कस्बे का हवाई दृश्य
भारत पूरे देश में, हिंदी-प्रथम

सीटें या तहसीलें, उत्तरदाता और सवाल बताइए। हम भाषा और समय-सीमा के साथ क्षेत्रवार योजना भेजेंगे।