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ऊपर से गाँव, खेत और सड़कों का हवाई दृश्य
लोकेशन · उत्तर प्रदेश · कानपुर मंडल

Survey agency in Kanpur division: Auraiya, Etawah, Kannauj, Farrukhabad, Kanpur Dehat

भारत सर्वे उन उम्मीदवारों, शोध संस्थाओं, NGO और विभागों के लिए है जिन्हें औरैया, इटावा, कन्नौज, फर्रुखाबाद और कानपुर देहात के गाँवों और कस्बों से भरोसेमंद जवाब चाहिए। हम ऑफ़लाइन Android ऐप से सर्वे कराते हैं, जो हर इंटरव्यू पर GPS और समय दर्ज करता है। सैंपल विधानसभा क्षेत्र के हिसाब से बनता है, क्योंकि इस मंडल में लोकसभा सीटें ज़िले की सीमा पर नहीं रुकतीं।

  • छह ज़िले, 27 विधानसभा सीटें
  • नेटवर्क न हो तब भी सर्वे चलता है
  • तहसील और ब्लॉक के हिसाब से रोज़ की रिपोर्ट
  • मतदाता का निजी डेटा नहीं रखते
विधानसभा 172 · सर्वे राउंड 2अंतिम अपडेट 12s पहले · नमूना
3,000
लक्ष्य घर
2,184
विज़िट
1,962
पूर्ण सर्वे
1,871
स्वीकृत
दैनिक स्वीकृत सर्वेपिछले 12 दिन
औरैयाइटावाकन्नौजफर्रुखाबादकानपुर देहातकानपुर नगरविधानसभा-वार सैंपलऑफ़लाइन सर्वे
औरैया

औरैया ज़िला 17 सितंबर 1997 को इटावा की औरैया और बिधूना तहसीलों को अलग करके बना। यहाँ तीन विधानसभा सीटें हैं। दिबियापुर और औरैया इटावा लोकसभा क्षेत्र में आती हैं, जबकि बिधूना कन्नौज लोकसभा क्षेत्र में। इसलिए लोकसभा का अनुमान लगाते समय बिधूना के जवाब कन्नौज के साथ जोड़े जाते हैं, औरैया के बाकी हिस्से के साथ नहीं।

ज़िले का ढाँचा

ज़िला प्रशासन की वेबसाइट के अनुसार औरैया में तीन तहसीलें (औरैया, बिधूना, अजीतमल), सात ब्लॉक और सात नगर पालिका परिषद या नगर पंचायत हैं। छोटे कस्बों में घर-घर सर्वे कुछ ही दिनों में पूरा हो जाता है, जबकि गाँवों के लिए ब्लॉक-वार रूट बनाया जाता है।

औरैया एक नज़र में

  • विधानसभा सीटें: 3
  • तहसील: 3
  • ब्लॉक: 7
  • लोकसभा: इटावा और कन्नौज
बाकी ज़िले

आँकड़े ज़िलों की NIC वेबसाइट और परिसीमन आदेश से लिए गए हैं। हर प्रोजेक्ट के लिए फील्ड टीम भेजी जाती है; हम मंडल में कोई दफ़्तर होने का दावा नहीं करते।

इटावा में सर्वे कंपनी

विधानसभा सीटें
3
तहसील
6
ब्लॉक
8

इटावा की तीन सीटों में से जसवंतनगर मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र में जाती है, जबकि इटावा और भरथना इटावा लोकसभा में। इटावा चुनाव सर्वे कंपनी के तौर पर हम जसवंतनगर को मैनपुरी के साथ पढ़ते हैं। 6 तहसील, 8 ब्लॉक और 692 गाँवों वाले इस ज़िले में इटावा सर्वे एजेंसी का काम ब्लॉक-वार रूट से चलता है, ताकि हर गाँव की हाज़िरी दिखे।

कन्नौज में सर्वे कंपनी

विधानसभा सीटें
3
तहसील
3
ब्लॉक
8

छिबरामऊ, तिर्वा और कन्नौज, तीनों सीटें कन्नौज लोकसभा क्षेत्र में हैं, पर इस लोकसभा सीट में औरैया की बिधूना और कानपुर देहात की रसूलाबाद भी शामिल हैं। कन्नौज चुनाव सर्वे कंपनी को इसलिए तीन ज़िलों में रूट बनाने पड़ते हैं। इत्र कारोबार वाले कस्बे और 8 ब्लॉक के गाँव अलग रखकर कन्नौज सर्वे एजेंसी का काम साफ़ रिपोर्ट देता है।

फर्रुखाबाद में सर्वे कंपनी

विधानसभा सीटें
4
तहसील
3
ब्लॉक
7

कायमगंज, अमृतपुर, फर्रुखाबाद और भोजपुर, चारों सीटें फर्रुखाबाद लोकसभा क्षेत्र में आती हैं, इसलिए फर्रुखाबाद चुनाव सर्वे कंपनी के लिए सीट और ज़िले की रिपोर्ट लगभग एक साथ बनती है; बस सीट का पाँचवाँ क्षेत्र, अलीगंज, एटा ज़िले में है और उसे अलग से जोड़ना पड़ता है। गंगा किनारे बसे इस ज़िले में 3 तहसील, 7 ब्लॉक और करीब एक हज़ार गाँव हैं। फर्रुखाबाद सर्वे एजेंसी के रूप में हम कायमगंज, कमालगंज, राजेपुर और शमसाबाद जैसे ब्लॉकों के रूट अलग बनाते हैं।

कानपुर देहात में सर्वे कंपनी

विधानसभा सीटें
4
तहसील
6
ब्लॉक
10

यहाँ की चार सीटें चार अलग लोकसभा क्षेत्रों में हैं: रसूलाबाद कन्नौज में, अकबरपुर-रनिया अकबरपुर में, सिकंदरा इटावा में और भोगनीपुर जालौन में। कानपुर देहात चुनाव सर्वे कंपनी को हर सीट का वज़न उसकी अपनी लोकसभा के हिसाब से देना होता है। 6 तहसील, 10 ब्लॉक और 979 गाँवों में कानपुर देहात सर्वे एजेंसी का काम ऑफ़लाइन चलता है और नेटवर्क मिलने पर सिंक होता है।

कानपुर नगर: मंडल मुख्यालय

विधानसभा सीटें
10
नगरीय निकाय
नगर निगम

मंडल की 27 में से 10 सीटें कानपुर नगर में हैं। पाँच शहरी सीटें कानपुर लोकसभा बनाती हैं; बिठूर, कल्याणपुर, महाराजपुर और घाटमपुर अकबरपुर में और बिल्हौर मिसरिख में जाती हैं। शहर का अलग पेज है।

कानपुर नगर: मंडल मुख्यालय
तुलना

विधानसभा-लोकसभा जोड़ 2008 के परिसीमन आदेश से; तहसील और ब्लॉक ज़िलों की NIC वेबसाइट से, सितंबर 2026 में जाँचे गए।
ज़िलाविधानसभा सीटेंकिन लोकसभा सीटों मेंतहसीलब्लॉक
औरैया3इटावा, कन्नौज37
इटावा3इटावा, मैनपुरी68
कन्नौज3कन्नौज38
फर्रुखाबाद4फर्रुखाबाद (एटा का अलीगंज भी)37
कानपुर देहात4कन्नौज, अकबरपुर, इटावा, जालौन610
कानपुर नगर10कानपुर, अकबरपुर, मिसरिख410
तरीका

01पहले विधानसभा, फिर ज़िला01

पहले विधानसभा, फिर ज़िला

कोटा हर विधानसभा क्षेत्र के लिए तय होता है, फिर उसे लोकसभा और ज़िले में जोड़ा जाता है।

1
2
3
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19
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27
28
29
30
A मज़बूतB ठीकC कमज़ोरD बहुत कमज़ोरआज रिपोर्ट नहीं
02गाँव की टीम, शहर की टीम02

गाँव की टीम, शहर की टीम

गाँवों के लिए ऑफ़लाइन रूट और शहर के वार्डों के लिए शाम के समय की विज़िट, दोनों टीमों की ट्रेनिंग अलग होती है।

ग्राम पंचायत बरौली
शिफ्ट
लोकेशन साझा होगी
सिर्फ़ शिफ्ट के दौरान, आपके सुपरवाइज़र को। ‘शिफ्ट समाप्त’ पर बंद।
पहुँच-जाँच
26.8467 N · 80.9462 E · ±12 m
अनुमानित रूप से क्षेत्र में
शिफ्ट शुरू करें
03हर शाम कवरेज की जाँच03

हर शाम कवरेज की जाँच

पैनल पर ब्लॉक-वार पूरे सर्वे, इनकार और बंद घर दिखते हैं, और GPS सौंपे गए गाँव से मिलाया जाता है।

विधानसभा 172 · सर्वे राउंड 2अंतिम अपडेट 12s पहले · नमूना
3,000
लक्ष्य घर
2,184
विज़िट
1,962
पूर्ण सर्वे
1,871
स्वीकृत
दैनिक स्वीकृत सर्वेपिछले 12 दिन

हमारी राय

यह सही नहीं है अगर

  • कानपुर मंडल में हमारा कोई दफ़्तर नहीं है; टीम प्रोजेक्ट के हिसाब से भेजी जाती है
  • मतदाता सूची इम्पोर्ट नहीं करते
  • चुनाव नतीजे या सटीकता का वादा नहीं करते

यह सही है अगर

  • ज़िले की सीमा पार करने वाले लोकसभा सर्वे
  • तहसील और ब्लॉक-वार घरेलू और योजना सर्वे
  • कन्नौज, औरैया और फर्रुखाबाद में ग्रामीण बाज़ार अध्ययन
FAQ

इस विषय पर सबसे ज़्यादा पूछे जाने वाले सवालों के सीधे जवाब।

कानपुर मंडल में कौन-कौन से ज़िले हैं?

छह ज़िले: कानपुर नगर, कानपुर देहात, इटावा, औरैया, कन्नौज और फर्रुखाबाद। मंडल मुख्यालय कानपुर है और इनमें कुल 27 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें से 10 कानपुर नगर में हैं।

क्या आप ऐसी लोकसभा सीट का सर्वे कर सकते हैं जो कई ज़िलों में फैली हो?

हाँ। सैंपल विधानसभा क्षेत्र से बनता है, इसलिए कन्नौज लोकसभा में बिधूना (औरैया) और रसूलाबाद (कानपुर देहात) अपने-आप जुड़ जाते हैं। नतीजे विधानसभा, लोकसभा और ज़िले, तीनों स्तर पर मिलते हैं।

जहाँ मोबाइल नेटवर्क नहीं है वहाँ सर्वे कैसे होता है?

Android ऐप इंटरव्यू को GPS और समय के साथ फ़ोन में सेव करता है और नेटवर्क मिलते ही सिंक कर देता है। सुपरवाइज़र अगली सुबह देख लेते हैं कि किस सर्वेयर का डेटा अभी तक नहीं आया।

क्या कानपुर मंडल में आपकी स्थानीय टीम है?

हम मंडल में दफ़्तर होने का दावा नहीं करते। हर प्रोजेक्ट के लिए फील्ड स्टाफ चुनकर प्रशिक्षित किया जाता है, उन्हें ज़िले की तहसीलों और ब्लॉकों की जानकारी दी जाती है और वेब पैनल से निगरानी होती है।

शाम के समय कस्बे का हवाई दृश्य
भारत पूरे देश में, हिंदी-प्रथम

ज़िले, सैंपल साइज़ और तारीखें भेजिए। हम फील्ड प्लान और कोटेशन भेजेंगे।