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Bharat Surveyभारत सर्वे
आँगनवाड़ी के बाहर महिलाओं के समूह से बात करती NGO कार्यकर्ता
उत्तर प्रदेश · बुंदेलखंड

दो लोकसभा सीटें, दस विधानसभा क्षेत्र और गाँवों के बीच लंबी दूरी

भारत सर्वे बांदा में सर्वे कंपनी के रूप में और चित्रकूट, हमीरपुर व महोबा में चुनाव टीमों, विभागों, NGO और शोधकर्ताओं के लिए सर्वे करता है। यह बुंदेलखंड है: गाँव दूर-दूर हैं, रास्ते में नेटवर्क टूटता है, और चार में से तीन ज़िलों में लगभग एक-तिहाई लोगों की मातृभाषा बुंदेली है। हमारा ऑफलाइन Android ऐप बिना नेटवर्क के काम करता है, हर इंटरव्यू पर GPS और समय दर्ज करता है।

  • गाँवों के बीच पूरी तरह ऑफलाइन
  • बुंदेली में जाँचे गए सवाल
  • दोनों लोकसभा सीटों का क्षेत्रवार नक्शा
  • पानी, पलायन और खेती के सर्वे
सिंक
6
फोन में सुरक्षित
8
सर्वर पर पहुँचे
अंतिम सिंक12:40
Offline permit18 h बाकी
फोटो लंबित3
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बेसलाइन · 3 ब्लॉक · household पैनलअंतिम अपडेट 12s पहले · नमूना
3,000
लक्ष्य परिवार
2,184
विज़िट
1,962
पूर्ण
1,871
स्वीकृत
दैनिक स्वीकृत इंटरव्यूपिछले 12 दिन
गुणवत्ता
स्वीकृत1871
समीक्षा में64
क्षेत्र से बाहर19
सिग्नल अस्पष्ट8
मुख्य संकेतक · ब्लॉक-वार
सुरक्षित पानी62%
शौचालय उपयोग48%
नामांकन31%
टीकाकरण24%
बांदाचित्रकूटहमीरपुरमहोबाबुंदेली इंटरव्यूऑफलाइन सिंकमौसमी पलायन
बांदा ज़िला

बांदा मंडल मुख्यालय है और चार ज़िलों में सबसे ज़्यादा आबादी वाला, जनगणना 2011 में लगभग 18 लाख। इसकी चार विधानसभा सीटें एक लोकसभा सीट में नहीं हैं: बांदा, नरैनी और बबेरू बांदा लोकसभा में आती हैं, जबकि तिंदवारी हमीरपुर लोकसभा में। बांदा सीट पूरी करने के लिए चित्रकूट ज़िले की चित्रकूट और मानिकपुर सीटें भी जोड़नी पड़ती हैं।

तहसीलें हैं बांदा, अतर्रा, बबेरू, नरैनी और पैलानी। केन नदी ज़िले से होकर बहती है, और रेत, सिंचाई व खेती की आय यहाँ के शोध के आम विषय हैं। ज़िला प्रशासन की वेबसाइट लगभग 4,408 वर्ग किमी क्षेत्रफल, 768 गाँव, 18 थाने और 8 विकास खंड दर्ज करती है: बड़ोखर खुर्द, महुआ, बबेरू, बिसंडा, कमासिन, जसपुरा, नरैनी और तिंदवारी। जनगणना 2011 की मातृभाषा तालिका में बांदा का बुंदेली हिस्सा यहाँ सत्यापित नहीं है।

तिंदवारी ब्लॉक और सीट का फ़र्क़

तिंदवारी नाम का विकास खंड भी है और विधानसभा क्षेत्र भी, लेकिन दोनों की सीमा एक नहीं है। ज़िले की सूची में तिंदवारी ब्लॉक बांदा और पैलानी तहसीलों के बीच दर्ज है। इसलिए बांदा चुनाव सर्वे कंपनी हर इंटरव्यू पर गाँव, ब्लॉक और विधानसभा क्षेत्र, तीनों लेबल लगाती है। हमीरपुर लोकसभा के लिए जो सैंपल बनता है, उसमें सिर्फ़ तिंदवारी विधानसभा क्षेत्र के गाँव जाते हैं, पूरे ब्लॉक के नहीं। बांदा सर्वे एजेंसी के रूप में हम यह मिलान फील्डवर्क से पहले गाँवों की सूची पर करते हैं, ताकि बाद में आँकड़े दोबारा न बाँटने पड़ें।

ज़िलेवार

चित्रकूट में सर्वे कंपनी

विधानसभा सीटें
2
लोकसभा
बांदा
तहसीलें
कर्वी, मऊ, मानिकपुर, राजापुर
बुंदेली (2011)
30.5%

चित्रकूट ज़िला, जिसका मुख्यालय कर्वी है, मध्य प्रदेश सीमा पर तीर्थ ज़िला है और चित्रकूट धाम में साल भर यात्री आते हैं। इसलिए चित्रकूट सर्वे एजेंसी निवासियों के राय सर्वे में यात्रियों को अलग करती है। ज़िले में सिर्फ़ दो विधानसभा सीटें हैं, चित्रकूट और मानिकपुर, दोनों बांदा लोकसभा में। चित्रकूट चुनाव सर्वे कंपनी आमतौर पर इन्हें बांदा सीट के भीतर अलग स्तर मानती है। मानिकपुर और मऊ तहसील के जंगली, पहाड़ी इलाक़ों में नेटवर्क कमज़ोर है, वहाँ ऑफलाइन काम ज़रूरी है। ज़िले की वेबसाइट के अनुसार उत्तर प्रदेश का चित्रकूट ज़िला 4 सितंबर 1998 को बना; इसमें 4 तहसीलें, 5 विकास खंड (कर्वी, मऊ, पहाड़ी, रामनगर और मानिकपुर), 653 गाँव और 10 थाने हैं, और क्षेत्रफल लगभग 3,164 वर्ग किमी है। जनगणना 2011 में आबादी लगभग 9.92 लाख थी। कम आबादी और बड़े क्षेत्रफल का मतलब है कि एक दिन में कम इंटरव्यू होते हैं, इसलिए चित्रकूट चुनाव सर्वे कंपनी को फील्ड के दिन ज़्यादा रखने पड़ते हैं। अमावस्या और दीपावली जैसे मौक़ों पर चित्रकूट धाम में भीड़ बढ़ती है, और उन दिनों कर्वी शहर में निवासियों का सैंपल भरना धीमा हो जाता है।

हमीरपुर में सर्वे कंपनी

विधानसभा सीटें
2
लोकसभा
हमीरपुर
तहसीलें
हमीरपुर, राठ, मौदहा, सरीला
बुंदेली (2011)
32.0%

हमीरपुर ज़िला बेतवा और यमुना के संगम पर है। ज़िले में दो विधानसभा सीटें हैं, हमीरपुर और राठ, लेकिन हमीरपुर लोकसभा सीट में महोबा, चरखारी और तिंदवारी भी आते हैं, इसलिए हमीरपुर चुनाव सर्वे कंपनी को पाँचों क्षेत्र अलग-अलग सैंपल करने होते हैं। नाम से एक व्यावहारिक दिक़्क़त भी है: हिमाचल प्रदेश में भी हमीरपुर ज़िला और सीट है, इसलिए हमीरपुर सर्वे एजेंसी को हर ब्रीफ़ और डेटा लेबल में राज्य साफ़ लिखना चाहिए। राठ, मौदहा और सरीला तहसीलें मुख्य रूप से खेती वाली हैं। ज़िले की वेबसाइट 4 तहसीलें, 7 विकास खंड (गोहांड, कुरारा, मौदहा, मुस्करा, राठ, सरीला और सुमेरपुर), 617 गाँव और 330 ग्राम पंचायतें दर्ज करती है; क्षेत्रफल लगभग 4,122 वर्ग किमी और 2011 में आबादी लगभग 11.04 लाख थी। सिर्फ़ सात ब्लॉक में इतना बड़ा क्षेत्र बँटा है, इसलिए एक ब्लॉक के गाँवों के बीच भी दूरी ज़्यादा है, और हमीरपुर सर्वे एजेंसी को रोज़ का लक्ष्य गाँवों की दूरी देखकर तय करना चाहिए।

महोबा में सर्वे कंपनी

विधानसभा सीटें
2
लोकसभा
हमीरपुर
तहसीलें
महोबा, चरखारी, कुलपहाड़
आबादी (2011)
8.76 लाख

जनगणना 2011 में महोबा उत्तर प्रदेश का सबसे कम आबादी वाला ज़िला था, और मंडल में बुंदेली मातृभाषा का हिस्सा यहाँ सबसे ज़्यादा, 33.6%, था। चंदेलकालीन तालाबों वाले इस ज़िले में पानी की उपलब्धता बार-बार सर्वे का विषय बनती है। दोनों विधानसभा सीटें, महोबा और चरखारी, हमीरपुर लोकसभा में हैं, इसलिए महोबा चुनाव सर्वे कंपनी आमतौर पर बड़े हमीरपुर-सीट डिज़ाइन के भीतर काम करती है। छोटे सैंपल में सावधानी चाहिए: कोई महोबा सर्वे एजेंसी कुछ गाँवों के आधार पर ज़िले का आँकड़ा न छापे। ज़िले की वेबसाइट 3 तहसीलें (महोबा, चरखारी, कुलपहाड़), 4 विकास खंड (कबरई, चरखारी, जैतपुर और पनवाड़ी), 521 गाँव और लगभग 2,884 वर्ग किमी क्षेत्रफल दर्ज करती है। चार ब्लॉक होने से हर ब्लॉक को बराबर कोटा देना आसान है, लेकिन कबरई जैसे कस्बाई इलाक़े और दूर के गाँवों को अलग स्तर में रखना बेहतर है।

तुलना

सीटों का नक्शा परिसीमन आदेश 2008 से (मुख्य निर्वाचन अधिकारी उ.प्र. के ज़िला-विधानसभा नक्शे से मिलान); तहसील, ब्लॉक और गाँव ज़िला NIC वेबसाइटों से, सितंबर 2026; भाषा के आँकड़े जनगणना 2011 की तालिका C-16 से।
ज़िलाविधानसभा सीटेंलोकसभा सीटतहसीलेंबुंदेली मातृभाषा, 2011
बांदा4बांदा (3 क्षेत्र), हमीरपुर (तिंदवारी)5सत्यापित नहीं
चित्रकूट2बांदा430.5%
हमीरपुर2हमीरपुर432.0%
महोबा2हमीरपुर333.6%
बुंदेलखंड का एक फील्ड राउंड

बुंदेली बोलचाल पर इंटरव्यूअर ब्रीफ़िंग
सप्ताह 0
01 / 04

बुंदेली बोलचाल पर इंटरव्यूअर ब्रीफ़िंग

हर ज़िले के एक पायलट गाँव में मुख्य सवाल बोलकर जाँचे जाते हैं।

सड़क के हिसाब से गाँवों के समूह
सप्ताह 1
02 / 04

सड़क के हिसाब से गाँवों के समूह

पास के गाँव एक यात्रा में कवर होते हैं, और गैरहाज़िर परिवारों के लिए दोबारा जाने के दिन तय रहते हैं।

GPS और समय के साथ ऑफलाइन संग्रह
सप्ताह 1–2
03 / 04

GPS और समय के साथ ऑफलाइन संग्रह

इंटरव्यू फ़ोन में सेव होते हैं और नेटवर्क मिलते ही सिंक होते हैं।

बैक-चेक और सीटवार वेटिंग
सप्ताह 3
04 / 04

बैक-चेक और सीटवार वेटिंग

कुछ परिवारों से दोबारा संपर्क, फिर ज़िले और बांदा-हमीरपुर सीटों के लिए नतीजे।

हमारी राय

यह सही नहीं है अगर

  • बांदा या चित्रकूट में हमारा दफ़्तर नहीं है; हर प्रोजेक्ट के लिए टीम तैनात होती है
  • लाइसेंसधारी साझेदार के बिना ड्रोन या भूमि सर्वे नहीं
  • वोटर लिस्ट का उपयोग या मतदाता ट्रैकिंग नहीं
  • नतीजे या सटीकता प्रतिशत का वादा नहीं
FAQ

इस विषय पर सबसे ज़्यादा पूछे जाने वाले सवालों के सीधे जवाब।

क्या ऐप सच में बिना मोबाइल नेटवर्क के चलता है?

हाँ। फ़ॉर्म, नक्शे और असाइनमेंट यात्रा से पहले डाउनलोड हो जाते हैं। इंटरव्यू, फ़ोटो और GPS फ़ोन में सेव होते हैं और नेटवर्क मिलते ही अपने-आप अपलोड हो जाते हैं। कुछ भी दोबारा भरना नहीं पड़ता।

हमीरपुर लोकसभा सीट में कौन-से क्षेत्र आते हैं?

परिसीमन आदेश 2008 के अनुसार हमीरपुर ज़िले के हमीरपुर और राठ, महोबा ज़िले के महोबा और चरखारी, और बांदा ज़िले का तिंदवारी। सीट स्तर का सर्वे इन पाँचों को अलग-अलग सैंपल करता है।

घरेलू सर्वे में बाहर काम करने गए सदस्यों को कैसे गिनते हैं?

परिवार सूची में सामान्य निवासी दर्ज होते हैं, जिनमें काम के लिए बाहर गए सदस्य भी शामिल हैं, साथ में वे कहाँ और कितने समय से हैं। रिपोर्ट बताती है कि कितने सदस्य अनुपस्थित थे।

शाम के समय कस्बे का हवाई दृश्य
भारत पूरे देश में, हिंदी-प्रथम

गाँव या सीटें, उत्तरदाता और तारीख़ें भेजिए। हम रास्तों को ध्यान में रखकर फील्ड योजना भेजेंगे।