- विधानसभा सीटें
- 2
- लोकसभा
- बांदा
- तहसीलें
- कर्वी, मऊ, मानिकपुर, राजापुर
- बुंदेली (2011)
- 30.5%
चित्रकूट ज़िला, जिसका मुख्यालय कर्वी है, मध्य प्रदेश सीमा पर तीर्थ ज़िला है और चित्रकूट धाम में साल भर यात्री आते हैं। इसलिए चित्रकूट सर्वे एजेंसी निवासियों के राय सर्वे में यात्रियों को अलग करती है। ज़िले में सिर्फ़ दो विधानसभा सीटें हैं, चित्रकूट और मानिकपुर, दोनों बांदा लोकसभा में। चित्रकूट चुनाव सर्वे कंपनी आमतौर पर इन्हें बांदा सीट के भीतर अलग स्तर मानती है। मानिकपुर और मऊ तहसील के जंगली, पहाड़ी इलाक़ों में नेटवर्क कमज़ोर है, वहाँ ऑफलाइन काम ज़रूरी है। ज़िले की वेबसाइट के अनुसार उत्तर प्रदेश का चित्रकूट ज़िला 4 सितंबर 1998 को बना; इसमें 4 तहसीलें, 5 विकास खंड (कर्वी, मऊ, पहाड़ी, रामनगर और मानिकपुर), 653 गाँव और 10 थाने हैं, और क्षेत्रफल लगभग 3,164 वर्ग किमी है। जनगणना 2011 में आबादी लगभग 9.92 लाख थी। कम आबादी और बड़े क्षेत्रफल का मतलब है कि एक दिन में कम इंटरव्यू होते हैं, इसलिए चित्रकूट चुनाव सर्वे कंपनी को फील्ड के दिन ज़्यादा रखने पड़ते हैं। अमावस्या और दीपावली जैसे मौक़ों पर चित्रकूट धाम में भीड़ बढ़ती है, और उन दिनों कर्वी शहर में निवासियों का सैंपल भरना धीमा हो जाता है।
- विधानसभा सीटें
- 2
- लोकसभा
- हमीरपुर
- तहसीलें
- हमीरपुर, राठ, मौदहा, सरीला
- बुंदेली (2011)
- 32.0%
हमीरपुर ज़िला बेतवा और यमुना के संगम पर है। ज़िले में दो विधानसभा सीटें हैं, हमीरपुर और राठ, लेकिन हमीरपुर लोकसभा सीट में महोबा, चरखारी और तिंदवारी भी आते हैं, इसलिए हमीरपुर चुनाव सर्वे कंपनी को पाँचों क्षेत्र अलग-अलग सैंपल करने होते हैं। नाम से एक व्यावहारिक दिक़्क़त भी है: हिमाचल प्रदेश में भी हमीरपुर ज़िला और सीट है, इसलिए हमीरपुर सर्वे एजेंसी को हर ब्रीफ़ और डेटा लेबल में राज्य साफ़ लिखना चाहिए। राठ, मौदहा और सरीला तहसीलें मुख्य रूप से खेती वाली हैं। ज़िले की वेबसाइट 4 तहसीलें, 7 विकास खंड (गोहांड, कुरारा, मौदहा, मुस्करा, राठ, सरीला और सुमेरपुर), 617 गाँव और 330 ग्राम पंचायतें दर्ज करती है; क्षेत्रफल लगभग 4,122 वर्ग किमी और 2011 में आबादी लगभग 11.04 लाख थी। सिर्फ़ सात ब्लॉक में इतना बड़ा क्षेत्र बँटा है, इसलिए एक ब्लॉक के गाँवों के बीच भी दूरी ज़्यादा है, और हमीरपुर सर्वे एजेंसी को रोज़ का लक्ष्य गाँवों की दूरी देखकर तय करना चाहिए।
- विधानसभा सीटें
- 2
- लोकसभा
- हमीरपुर
- तहसीलें
- महोबा, चरखारी, कुलपहाड़
- आबादी (2011)
- 8.76 लाख
जनगणना 2011 में महोबा उत्तर प्रदेश का सबसे कम आबादी वाला ज़िला था, और मंडल में बुंदेली मातृभाषा का हिस्सा यहाँ सबसे ज़्यादा, 33.6%, था। चंदेलकालीन तालाबों वाले इस ज़िले में पानी की उपलब्धता बार-बार सर्वे का विषय बनती है। दोनों विधानसभा सीटें, महोबा और चरखारी, हमीरपुर लोकसभा में हैं, इसलिए महोबा चुनाव सर्वे कंपनी आमतौर पर बड़े हमीरपुर-सीट डिज़ाइन के भीतर काम करती है। छोटे सैंपल में सावधानी चाहिए: कोई महोबा सर्वे एजेंसी कुछ गाँवों के आधार पर ज़िले का आँकड़ा न छापे। ज़िले की वेबसाइट 3 तहसीलें (महोबा, चरखारी, कुलपहाड़), 4 विकास खंड (कबरई, चरखारी, जैतपुर और पनवाड़ी), 521 गाँव और लगभग 2,884 वर्ग किमी क्षेत्रफल दर्ज करती है। चार ब्लॉक होने से हर ब्लॉक को बराबर कोटा देना आसान है, लेकिन कबरई जैसे कस्बाई इलाक़े और दूर के गाँवों को अलग स्तर में रखना बेहतर है।